एयरफोर्स के प्लेन से ELF पर उतरे PM मोदी, क्यों खास है नॉर्थ ईस्ट में बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी, जानें सब कुछ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुवाहाटी (Guwahati) में कांग्रेस पर तीखा हमला किया और कहा कि कांग्रेस ने देश को खतरे में डाल दिया था। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा सेना के लिए खरीदे गए हथियारों में हजारों करोड़ रुपए का घोटाला हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि आज की कांग्रेस ऐसे लोगों और विचारों का समर्थन कर रही है जो देश के खिलाफ सोचते हैं और जो लोग देश को तोड़ने की बात करते हैं, उन्हें कांग्रेस सम्मान देती है।

PM मोदी का असम आगमन और ELF लैंडिंग:
प्रधानमंत्री मोदी पहले चाबुआ एयरफील्ड (Chabua Airfield) पहुंचे। इसके बाद वे वायुसेना के C-130 एयरक्राफ्ट से डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) पहुँचे। प्लेन ने मोरन बाइपास (Moran Bypass) पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर लैंड किया। मोदी ऐसा करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने।

भाषण की पांच मुख्य बातें:

  • कांग्रेस के समय असम को सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपए टैक्स हिस्से के रूप में मिलते थे, जबकि भाजपा सरकार में यह पांच गुना बढ़ा।
  • मोरन हाईवे पर विमान उतरने से नॉर्थ ईस्ट का नया इतिहास बना, पहले टूटी सड़कों के कारण पहुंचना कठिन था।
  • भाजपा सरकार ने पिछले 10 साल में ब्रह्मपुत्र (Brahmaputra) पर 5 बड़े पुल बनाए, जबकि कांग्रेस के 70 साल में केवल 3 पुल बने।
  • वंदे भारत और स्लीपर वंदे भारत जैसी परियोजनाओं से असम नॉर्थ ईस्ट से जुड़ा।
  • भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रयासों से असम में लाखों परिवारों को घर, शौचालय और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया।

मोरन बाइपास की रणनीतिक अहमियत:
मोरन बाइपास चाइना बॉर्डर से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। पीएम मोदी के मौजूदगी में 16 लड़ाकू विमान जैसे राफेल (Rafale), सुखोई (Sukhoi) ने हाईवे पर एरियल शो किया। विमानों ने हाईवे से लैंडिंग और टेकऑफ करके 30 मिनट का डेमो प्रदर्शन किया।

ब्रह्मपुत्र पुल और IIM गुवाहाटी:
पीएम मोदी ने ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra River) पर बने कुमार भास्कर वर्मन सेतु और IIM गुवाहाटी (IIM Guwahati) के टेंपरेरी कैंपस का उद्घाटन किया। यह पिछले तीन महीनों में पीएम का तीसरा असम दौरा है। 2016 से NDA की सरकार लगातार दो बार बनी है, जबकि 2001–2016 तक कांग्रेस की सरकार रही।

पूर्वोत्तर की पहली ELF की विशेषताएँ:
मोरन एयरस्ट्रिप (Moran Airstrip) NH-127 के 4.4 किलोमीटर हिस्से पर बनी भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है। यह सैन्य और सिविल विमानों दोनों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। ELF का उद्देश्य युद्ध या इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में हाईवे पर विमान उतरने और उड़ान भरने की व्यवस्था करना है। यह डुअल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर 40 टन तक के फाइटर एयरक्राफ्ट और 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वेट वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को संभालने में सक्षम है।

रक्षा और नागरिक लाभ:
ELF का डुअल उपयोग से नागरिक ट्रैफिक और सैन्य जरूरतों को एक साथ पूरा किया जा सकता है। यह सुविधा नॉर्थ ईस्ट की सुरक्षा और यातायात को सहज बनाने में अहम भूमिका निभाती है।


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