वाराणसी-रीवा हाईवे(Varanasi-Rewa Highway) पर बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। मिर्जापुर(Mirzapur) के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र में स्थित घाटी के बड़का घुमान मोड़ पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर के बाद बोलेरो और कार में भीषण आग लग गई। घटना के दौरान चारों ओर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसा इतना भयावह था कि लोग मौके पर मौजूद होकर भी बेबस नजर आए। इस दुर्घटना में करीब 11 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ भीषण हादसा:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) की ओर चना लेकर जा रहे ट्रक ने पीछे से बोलेरो और स्विफ्ट डिजायर कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन आगे चल रहे गिट्टी से लदे ट्रेलर से जा टकराए। इस टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो और कार में आग लग गई और कुछ ही क्षणों में दोनों वाहन आग के गोले में बदल गए। बोलेरो पूरी तरह जलकर राख हो गई।
बोलेरो सवारों के बचने की नहीं मिली मौका:
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बोलेरो में लगभग 8 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि किसी को वाहन से बाहर निकलने का अवसर नहीं मिल सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कोई भी बचाव कार्य संभव नहीं हो पाया और सभी लोग अंदर ही फंस गए।
ट्रक चालक और अन्य की भी मौत:
हादसे में ट्रक चालक और खलासी भी गंभीर रूप से फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से चालक को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। ट्रक के केबिन में फंसे खलासी ने भी दम तोड़ दिया। वहीं स्विफ्ट डिजायर के चालक की पहचान जयप्रकाश, निवासी सोनभद्र(Sonbhadra) के रूप में हुई है, जिनकी भी इस हादसे में मृत्यु हो गई। कुल मृतकों की संख्या 11 तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
हाईवे पर फैली अफरा-तफरी और जाम:
हादसे के बाद ट्रक में लदा चना सड़क पर बिखर गया, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। वाराणसी-रीवा मार्ग कई घंटों तक बाधित रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जलती हुई गाड़ियों को देखकर हर कोई स्तब्ध था, लेकिन आग की भयावहता के कारण कोई मदद नहीं कर सका।
हादसे की वजह पर जांच जारी:
प्रथम दृष्टया इस दुर्घटना का कारण ट्रक का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रात का समय और फायर ब्रिगेड की देर से पहुंचने के कारण आग पर काबू पाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक:
उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे:
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार(Pawan Kumar Gangwar) और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक(Aparna Rajat Kaushik) सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनकी पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
खतरनाक मोड़ पर फिर उठे सवाल:
ड्रमंडगंज घाटी का यह घुमावदार मोड़ पहले भी कई हादसों का कारण बन चुका है। स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि हाईवे निर्माण के दौरान इस मोड़ को सीधा करने की योजना थी, लेकिन इसे पुराने घुमावदार स्वरूप में ही छोड़ दिया गया। लोगों का मानना है कि यदि सड़क को सीधा बनाया गया होता, तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।
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