गाजीपुर (Ghazipur, Uttar Pradesh) के फतेहुल्लापुर गांव में एक फैक्ट्री से निकलने वाली राख के कारण स्थानीय लोगों के सामने गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं। आरोप है कि पावर प्लांट से निकलने वाली राख का उचित निस्तारण नहीं किया जा रहा, जिससे आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति ने पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फैक्ट्री संचालन और राख का निस्तारण:
फतेहुल्लापुर (Fatehullapur Village, Ghazipur) स्थित सुखबीर एग्रो इंडस्ट्रीज (Sukhbir Agro Industries) द्वारा पावर प्लांट के माध्यम से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसके लिए भूसा और अन्य सामग्री का उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया से बड़ी मात्रा में राख निकलती है, जिसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण जरूरी होता है। लेकिन आरोप है कि इस राख को सुरक्षित तरीके से निपटाने के बजाय खुले स्थानों पर फेंका जा रहा है।
सार्वजनिक स्थानों और जल स्रोतों पर असर:
स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाली राख को खेतों, तालाबों और अन्य खाली सार्वजनिक स्थानों पर डाला जा रहा है। इससे आसपास के तालाब और पोखरे प्रभावित हो गए हैं। कई जगहों पर स्थिति ऐसी हो गई है कि पानी की जगह राख के ढेर नजर आ रहे हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर राख को मिट्टी से ढकने की कोशिश की गई है, लेकिन इससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों और राहगीरों को हो रही परेशानी:
राख के खुले में पड़े रहने से धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर यह राख घरों के पास तक पहुंच गई है, जिससे लोगों के दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है।
धुएं और पशुओं पर प्रभाव:
फैक्ट्री की चिमनी से निकलने वाला धुआं भी स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। लोगों के अनुसार यह धुआं घरों की छतों पर जमता हुआ देखा जा सकता है। वहीं तालाबों और पोखरों में जमा राख के कारण बचा हुआ पानी भी प्रभावित हो रहा है। इस पानी को पीने से पशुओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ने और उनकी दुग्ध क्षमता में कमी आने की बात कही जा रही है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच का आश्वासन:
इस मामले में फैक्ट्री प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। वहीं अपर जिला अधिकारी दिनेश कुमार (Dinesh Kumar) ने बताया कि प्राप्त जानकारी के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राख का निस्तारण नियमानुसार किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर उठे सवाल:
इस पूरे घटनाक्रम ने पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा और समस्या का समाधान निकालेगा, जिससे उन्हें राहत मिल सके।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#ghazipur #pollution #factory #ash #environment #ngt
रिपोर्टर: सऊद अंसारी