”BSP को कमजोर करने की साजिश हो रही है”,बसपा प्रमुख मायावती ने लगा दिया बड़ा आरोप

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। चुनावी तैयारियों को तेज करने के उद्देश्य से उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को SIR और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पूरी तरह सक्रिय रहने का स्पष्ट संदेश दिया। मायावती ने कहा कि समय कम है और ऐसे में सभी को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना होगा।

बैठक में मायावती ने संगठन की वर्तमान स्थिति, जनाधार को मजबूत करने की रणनीति और आने वाले समय की राजनीतिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को कमजोर करने के लिए लगातार साजिशें की जा रही हैं, जिनसे सतर्क रहने की जरूरत है।

प्रदेश स्तर पर जुटी पूरी संगठनात्मक टीम:
इस बैठक में प्रदेश मंडल अध्यक्षों, प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के प्रभारियों और भाईचारा समिति के पदाधिकारियों को शामिल किया गया। बैठक का उद्देश्य संगठन विस्तार, जनाधार बढ़ाने और बीते एक साल की पार्टी गतिविधियों की समीक्षा करना रहा। मायावती ने सभी पदाधिकारियों से फीडबैक लिया और जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति को समझा।

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर:
मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। इसके लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाने, उनकी समस्याएं सुनने और पार्टी की नीतियों को सीधे लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि जनाधार बढ़ाने के लिए हर स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से काम करना जरूरी है।

हर विधानसभा सीट पर सक्रियता अनिवार्य:
बैठक में मायावती ने कहा कि प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए। हर सीट के प्रभारी को अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि जनता से सीधा संवाद बढ़ाया जाए और पार्टी के पिछले कार्यों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं को भी लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि मतदाताओं का भरोसा मजबूत हो सके।

विरोधी दलों की साजिशों से सतर्क रहने की अपील:
मायावती ने आरोप लगाया कि विरोधी दल बसपा को कमजोर करने के लिए तरह-तरह की साजिशें रच रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसी गतिविधियों को समझने और उनसे सावधान रहने को कहा। उनका कहना था कि पार्टी के भीतर और बाहर से होने वाली हर कोशिश का जवाब संगठनात्मक मजबूती से दिया जाना चाहिए।

धर्म और जाति की राजनीति पर तीखा प्रहार:
बैठक के दौरान मायावती ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल धर्म और जाति के नाम पर समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। ऐसे प्रयास समाज में नफरत फैलाते हैं और लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि बसपा हमेशा सामाजिक सद्भाव और भाईचारे की राजनीति करती रही है और आगे भी इसी रास्ते पर चलती रहेगी।

संसद में गतिरोध को लेकर जताई नाराजगी:
मायावती ने संसद सत्र में चल रहे गतिरोध पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सत्ता और विपक्ष एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं, जबकि जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा नहीं हो पा रही है। टैरिफ, महंगाई और रोजगार जैसे अहम विषयों पर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इन मुद्दों पर चर्चा की बजाय संसद में राजनीतिक ड्रामा हो रहा है, जिससे आम जनता की समस्याएं पीछे छूट रही हैं।

चुनावी रणनीति को धार देने का संकेत:
इस बैठक से यह साफ संकेत मिला कि बसपा नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह गंभीर है। संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क और राजनीतिक सतर्कता को पार्टी की प्राथमिकता बताया गया। मायावती ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आने वाले समय में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करें और पार्टी को चुनावी मुकाबले के लिए तैयार रखें।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


#Mayawati #BSP #UPElection #Politics #AssemblyElection

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading