जमानियां क्षेत्र में साहित्य जगत को गहरा आघात उस समय लगा जब जनपद गाज़ीपुर के प्रसिद्ध कवि और मंच संचालक हरि नारायण सिंह हरीश का सोमवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही साहित्य प्रेमियों, शिक्षाविदों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। अपने प्रभावशाली काव्य पाठ और मंच संचालन की शैली के लिए पहचाने जाने वाले हरीश जी का जाना क्षेत्र के सांस्कृतिक परिदृश्य के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
महाविद्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित:
हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हरीश जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो श्री निवास सिंह ने की। सभा के दौरान उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों ने दिवंगत कवि को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश:
राजनीतिशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ मदन गोपाल सिन्हा ने हरीश जी के जीवन और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हरीश जी केवल एक कवि ही नहीं बल्कि मंच संचालन की कला में भी अत्यंत दक्ष थे। उनकी वाणी में सरलता और प्रस्तुति में प्रभावशीलता थी, जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी।
शिक्षकों और कर्मचारियों ने दी श्रद्धांजलि:
सभा में हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो अखिलेश कुमार शर्मा, आईक्यूएसी प्रभारी प्रो अरुण कुमार, इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ संजय कुमार सिंह सहित अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों ने हरीश जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित सभी लोगों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया और उनके साहित्यिक योगदान को याद किया। कार्यक्रम में डॉ अमित कुमार सिंह, इंद्रभान सिंह, मुन्ना राम, दिग्विजय सिंह और पप्पू कुमार सहित कई अन्य लोग भी शामिल रहे।
मीडिया प्रभारी ने जारी की सूचना:
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी एवं हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ अभिषेक तिवारी ने इस श्रद्धांजलि सभा की जानकारी औपचारिक रूप से साझा की। उन्होंने बताया कि हरीश जी का साहित्यिक योगदान लंबे समय तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
साहित्य परिषद में भी शोक सभा आयोजित:
इसी क्रम में सौरभ साहित्य परिषद के संस्थापक एवं वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र सिंह के बरूइन स्थित निवास पर भी शोक सभा आयोजित की गई। इस सभा में हरीश जी को याद करते हुए उन्हें आत्मीय श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय संचालक थे हरीश जी:
राजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हरीश जी साहित्यिक गोष्ठियों और कवि सम्मेलनों के बेहद चर्चित और सम्मानित संचालक थे। उनकी उपस्थिति किसी भी कार्यक्रम को जीवंत बना देती थी। उनके जाने से साहित्यिक मंचों पर एक बड़ी रिक्तता उत्पन्न हो गई है।
परिजनों के लिए प्रार्थना और शोक व्यक्त:
शोक सभा में छेदी सिंह, के डी सिंह, डॉ सुरेश राय और डॉ मदन गोपाल सिन्हा सहित अन्य लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। इस शोक सभा की अध्यक्षता के डी सिंह ने की, जबकि संचालन डॉ मदन गोपाल सिन्हा द्वारा किया गया।
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रिपोर्टर: जफर इकबाल