बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। लखनऊ (Lucknow) में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बसपा आगामी चुनाव अकेले लड़ेगी और गठबंधन को लेकर चल रही सभी खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने इन अटकलों को पार्टी के खिलाफ साजिश करार दिया।
गठबंधन की अटकलों पर पूर्ण विराम:
हाल के दिनों में बसपा और असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा हो रही थी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी हाल में पुराने रिश्तों का उल्लेख करते हुए इशारों में गठबंधन की संभावना जताई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने कहा कि कुछ स्वार्थी नेता और मीडिया जानबूझकर गठबंधन की अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने इसे झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक खबर बताते हुए कहा कि बसपा का रुख पहले से स्पष्ट है और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं है।
अफवाहों को बताया साजिश:
मायावती ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय कुछ लोग तकनीकी साधनों और प्रचार के माध्यम से भ्रम फैलाने में लगे हैं। उनके अनुसार, गठबंधन की खबरें लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने दोहराया कि बसपा का अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय पहले भी सार्वजनिक रूप से घोषित किया जा चुका है और इस विषय में किसी भी प्रकार की अटकलें निरर्थक हैं।
मीडिया को दी नसीहत:
बसपा प्रमुख ने मीडिया से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि के खबरों को बढ़ावा देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की अटकलों से बचना चाहिए, क्योंकि इससे राजनीतिक विमर्श की गंभीरता प्रभावित होती है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पार्टी की रणनीति और निर्णय समय-समय पर सार्वजनिक किए जाते रहे हैं और 9 अक्टूबर 2025 को कांशीराम (Kanshi Ram) की पुण्यतिथि पर लखनऊ में आयोजित महारैली में भी अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की जा चुकी है।
टाइप-8 बंगले पर सफाई:
दिल्ली (Delhi) में हाल ही में आवंटित टाइप-8 बंगले को लेकर उठ रही चर्चाओं पर भी मायावती ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूर्व में भाजपा (BJP) सरकार द्वारा कई बंगले आवंटित किए गए थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें स्वीकार नहीं किया गया या छोड़ दिया गया। अब उन्हें उपयुक्त टाइप-8 बंगला आवंटित किया गया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। इस विषय पर राजनीति किए जाने को उन्होंने अनुचित बताया।
लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख:
मायावती ने 2 जून 1995 को हुए लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड (Lucknow State Guest House Case) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस घटना के बाद से उन्हें विशेष उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान की गई है, जो समय के साथ और मजबूत की गई है। उनके अनुसार, कांग्रेस (Congress) सरकार के समय से ही उन्हें टाइप-8 श्रेणी का आवास मिलता रहा है, इसलिए इस विषय पर राजनीतिक टिप्पणी करना उचित नहीं है।
बसपा प्रमुख के इस ऐलान के बाद राजनीतिक परिदृश्य में हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र रूप से अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी।
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