लखनऊ में भक्ति और भाईचारे का संगम, प्रेस क्लब भंडारे में उमड़ी भारी भीड़

लखनऊ (Lucknow) में आयोजित प्रेस क्लब (Press Club) के भंडारे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन ज्येष्ठ माह की पारंपरिक धार्मिक भावना और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, अधिकारी और पत्रकारों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी खास बना दिया।

A group of individuals holding a framed picture of a deity, with two men smiling and presenting the artwork, while others watch on.

उपमुख्यमंत्री का संबोधन और परंपरा का महत्व:
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने कहा कि ज्येष्ठ माह में हनुमान जी (Hanuman Ji) की कृपा से भंडारे का आयोजन राजधानी लखनऊ (Lucknow) की एक अनूठी परंपरा है। उन्होंने बताया कि न केवल राजधानी बल्कि आसपास के जनपदों में भी बजरंगबली (Bajrangbali) के नाम पर भंडारे आयोजित किए जाते हैं, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन सामाजिक सौहार्द और आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं।

कैबिनेट मंत्री की प्रतिक्रिया:
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बजरंगबली (Bajrangbali) का स्मरण कर किए गए कार्य समाज और देशहित में सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कहा कि भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करना आयोजकों और श्रद्धालुओं के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ाता है और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करता है।

A group of five men sitting together in a formal setting, engaged in conversation. One man is holding a framed picture, while another is holding a plate of food. A banner in the background indicates the context of the gathering.

एकता और समानता का संदेश:
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद (Sanjay Prasad) ने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं, तो यह समानता और एकता का प्रतीक बनता है। सूचना निदेशक विशाल सिंह (Vishal Singh) ने भी कहा कि लखनऊ (Lucknow) में इस प्रकार के भंडारे सामाजिक एकता का सशक्त संदेश देते हैं और यह परंपरा शहर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।

सांस्कृतिक विरासत और साफ-सफाई पर जोर:
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी (Avnish Awasthi) ने कहा कि लंबे समय से राजधानी में इस तरह के भंडारों की परंपरा चली आ रही है, जो अब एक विशेष सांस्कृतिक पहचान बन गई है। उन्होंने बताया कि ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर भंडारे आयोजित होते हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। उन्होंने अपील की कि ऐसे आयोजनों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि यह परंपरा और अधिक व्यवस्थित रूप में आगे बढ़ सके।

भंडारे में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति:
प्रेस क्लब (Press Club) के इस आयोजन में कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। इनमें मृत्युंजय कुमार (Mrityunjay Kumar), मुकेश शर्मा (Mukesh Sharma), रामचन्द्र सिंह प्रधान (Ramchandra Singh Pradhan), विजय बहादुर पाठक (Vijay Bahadur Pathak), राजेन्द्र चौधरी (Rajendra Chaudhary), अरविंद सिंह गोप (Arvind Singh Gop), अरविंद सिंह (Arvind Singh), अरविंद कुमार मिश्र (Arvind Kumar Mishra), संजय खत्री (Sanjay Khatri), मुकेश सिंह (Mukesh Singh), प्रदीप सिंह बब्बू (Pradeep Singh Babbu), बाबा हरदेव सिंह (Baba Hardev Singh), शैलेंद्र सिंह शालू (Shailendra Singh Shalu), दीपक रंजन (Deepak Ranjan), अशोक सिंह (Ashok Singh), सचिन रावत (Sachin Rawat), अनिल दुबे (Anil Dubey), रोहित अग्रवाल (Rohit Agarwal), अभय सिंह (Abhay Singh), नवीन श्रीवास्तव (Naveen Srivastava), एसपी सिंह (SP Singh) और दिनेश सिंह (Dinesh Singh) सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूत करने का माध्यम बना।


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