Lucknow: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल तरीक़े से कूटरचित भारतीय दस्तावेज़ तैयार करता था। यह गिरोह रोहिंग्या, बांग्लादेशी एवं अन्य विदेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड जैसे महत्त्वपूर्ण भारतीय पहचान पत्र बनवाने में सक्रिय था। ATS ने इस ऑपरेशन में गिरोह के मुख्य सरगना सहित कुल 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
अपर पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था तथा STF उत्तर प्रदेश, अमिताभ यश ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि यह गिरोह लंबे समय से फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए विदेशी नागरिकों को भारतीय पहचान दिलाने का काम कर रहा था। ये लोग सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से संपर्क साधते और दस्तावेज़ तैयार कर देते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, आधार कार्ड की प्रतियां, फर्जी सील-मोहर और कई अन्य तकनीकी उपकरण बरामद हुए हैं।
ATS का मानना है कि ऐसे दस्तावेज़ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं, क्योंकि इनका इस्तेमाल अपराधियों और असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध गतिविधियों में किया जा सकता है। गिरोह का नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था।
अमिताभ यश ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विदेशी नागरिक को फर्जी भारतीय पहचान दिलाने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश ATS की सतर्कता और तकनीकी खुफिया क्षमता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
बांग्लादेशियों के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह पर ATS का शिकंजा!