गायब हुई डायल-112 की टेलीकॉलर, पुलिस बेबस

रिपोर्ट: सऊद अंसारी

Lucknow: लखनऊ के महानगर क्षेत्र में रहने वाली डायल-112 की टेलीकॉलर साक्षी 29 अगस्त की रात से रहस्यमय तरीके से लापता है। उस रात वह घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उसकी स्कूटी और मोबाइल चारबाग स्टैंड पर लावारिस हालत में मिले। परिजनों ने बेटी के दोस्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि पुलिस की पांच टीमें लगातार तलाश में लगी हैं।

पुलिस की खोज और गोमती नदी का सर्च

करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस साक्षी का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई कि साक्षी ने गोमती नदी में छलांग लगा दी। इसके बाद गोताखोरों की मदद से नदी में कई दिनों तक सर्च अभियान चलाया गया। हालांकि, न तो कोई शव मिला और न ही कोई पुख्ता सबूत। इस कारण परिवार पुलिस की इस थ्योरी को मानने से साफ इनकार कर रहा है।

परिजनों के आरोप और SIT की मांग

साक्षी की मां संगीता वर्मा का कहना है कि उनकी बेटी ने आखिरी बार फोन पर कहा था— “मेरा फोन दो, मुझे मम्मी से बात करनी है।” इसके बाद कॉल कट गया और मोबाइल कभी ऑन नहीं हुआ। संगीता का आरोप है कि पुलिस विभाग में काम करने वाली उनकी बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकी। आरोपी जेल में है, लेकिन उसने अब तक कुछ नहीं बताया। उन्होंने एसीपी को पत्र लिखकर SIT गठित करने की मांग की है।

दादी का बयान: घर से ले गया था लड़का

साक्षी की दादी उर्मिला देवी ने दावा किया कि गणेश विसर्जन वाले दिन एक अनजान लड़का घर आया था। उसने नाम नहीं बताया और सीधे घर में घुस गया। वह साक्षी को अपने साथ ले गया और वापस नहीं लौटी। दादी का कहना है कि उन्होंने उसे 10–15 मिनट में आने के लिए कहा था, लेकिन इसके बाद लड़की का कोई अता-पता नहीं चला।

इंस्टाग्राम कनेक्शन और दोस्त का खुलासा

साक्षी की सहेली और सहकर्मी आराध्या ने बताया कि इंस्टाग्राम पर वह एक युवक से बातचीत करती थी, जिसने अपना नाम सचिन बताया, लेकिन असली नाम कृष्णा जायसवाल निकला। आराध्या के मुताबिक, वही युवक उसका पीछा करता था और 29 अगस्त को उससे पैसे भी लिए थे। उस दिन साक्षी ने उसे बताया था कि वह गणेश विसर्जन देखने जाएगी, लेकिन बाद में घर से ही अचानक गायब हो गई।

पुराने दोस्त पर भी शक

आराध्या ने एक और खुलासा करते हुए बताया कि साक्षी ने दो महीने पहले उसे बताया था कि उसका पुराना दोस्त अमन वर्मा उसे अपने घर ले गया और वहां नशे का इंजेक्शन देकर दुर्व्यवहार किया। किसी तरह भागकर वह घर पहुंची और उसके बाद अमन से दूरी बना ली थी। हालांकि, घटना के बाद पता चला कि शायद वह फिर से उससे संपर्क में थी। इस वजह से शक की एक और कड़ी जुड़ गई है।

पुलिस का पक्ष

महानगर इंस्पेक्टर अखिलेश गिरी ने कहा कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। गोमती नदी में सर्च अभियान चलाया गया था और कुछ स्थानीय दुकानदारों ने लड़की को नदी में कूदते देखा होने की बात कही है। हालांकि, पुलिस अन्य सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है।

परिवार का दर्द

साक्षी की मां का कहना है कि बेटी की एकमात्र ख्वाहिश सुरक्षित जीवन जीने की थी, लेकिन अब उसका कोई सुराग नहीं है। परिजनों का साफ कहना है कि बिना सबूत और बिना शव के पुलिस की आत्महत्या की थ्योरी पर विश्वास करना संभव नहीं है। परिवार को अब भी उम्मीद है कि उनकी बेटी जीवित है और उसे वापस लाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

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