गोरखपुर हत्याकांड: पशु तस्कर की मौत, गांव में फिर तनाव



Gorakhpur: गोरखपुर में NEET छात्र की हत्या का मामला लगातार सनसनीखेज मोड़ ले रहा है। गांववालों के हत्थे चढ़ा आरोपी पशु तस्कर अजहर अब नहीं रहा। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती यह आरोपी शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ गया, जिसके बाद इलाके में फिर तनाव फैल गया।

15 सितंबर की रात का खौफनाक मंजर

वारदात 15 सितंबर की रात करीब 11.30 बजे की है। 13 पशु तस्कर दो पिकअप गाड़ियों में सवार होकर मऊआचापी गांव पहुंचे। सुनसान देखकर उन्होंने गांव के एंट्री पॉइंट पर स्थित फर्नीचर की दुकान का ताला तोड़ने की कोशिश की। ऊपर बने ऑफिस में सो रहे युवक ने यह देखा और तुरंत दीपक गुप्ता को सूचना दी। NEET की तैयारी कर रहा दीपक मौके पर स्कूटी से पहुंचा। शोर मचते ही ग्रामीण भी वहां जमा हो गए।

फायरिंग और छात्र की हत्या

गांववालों को देखकर तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान दीपक सबसे आगे था। तस्करों ने उसे पकड़कर गाड़ी में डाल लिया और बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।

भीड़ के हत्थे चढ़ा आरोपी

गुस्से से उबलते ग्रामीणों ने तस्कर अजहर को दबोच लिया। उसकी गाड़ी जला दी और उसे अधमरा कर दिया। इसी बीच पुलिस पहुंची, लेकिन आरोपी को छुड़ाने की कोशिश में हालात बिगड़ गए। एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और थाना प्रभारी घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने किसी तरह अजहर को अस्पताल पहुंचाया।

खून से लथपथ मिला दीपक का शव

उधर, जिस दिशा में तस्कर भागे थे, वहीं से पुलिस को 4 किलोमीटर दूर दीपक का खून से सना शव मिला। यह खबर गांव में फैलते ही माहौल विस्फोटक हो गया।

सड़क पर उतरे लोग, पुलिस पर पथराव

16 सितंबर की सुबह गुस्साए ग्रामीणों ने गोरखपुर–पिपराइच रोड जाम कर दिया। पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग भड़क उठे और पुलिस पर पथराव कर दिया।

सरकार की सख्ती और अफसरों की दौड़भाग

मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा। उन्होंने अफसरों को तुरंत मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया और कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। DIG शिवसिंपी चनप्पा और SSP राजकरण नय्यर मौके पर पहुंचे और परिवार को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद धरना खत्म हुआ।

पोस्टमॉर्टम के बाद फिर बवाल

पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंपा गया। लेकिन पुलिस द्वारा जल्द अंतिम संस्कार कराने के दबाव पर महिलाएं भड़क उठीं और दोबारा पथराव शुरू हो गया। आखिरकार भारी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार कराया गया।

पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

घटना के करीब 23 घंटे बाद SSP ने जंगल धूषण चौकी इंचार्ज ज्योति नारायण तिवारी समेत चार कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया और पूरी चौकी पर विभागीय जांच बैठा दी।

पुलिस का एनकाउंटर

इस बीच बुधवार को पुलिस ने कुशीनगर में तीन बदमाशों—छोटू, राजू और रहीम—को पकड़ा। एनकाउंटर के दौरान रहीम के पैरों में गोली लगी।

ICU में मौत

भीड़ की पिटाई से घायल अजहर को ICU में भर्ती कराया गया था। लगातार बिगड़ती हालत के बीच शुक्रवार सुबह 10:37 बजे उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर के बाद गांव और आसपास के इलाकों में फिर से तनाव फैल गया है।

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