ज्येष्ठ माह के दूसरे बड़े मंगल पर राजधानी लखनऊ (Lucknow) पूरी तरह भक्ति और सेवा भाव में रंगी नजर आ रही है। इस अवसर पर जिलेभर में एक हजार से अधिक भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। नगर निगम (Nagar Nigam) में करीब 300 आयोजकों ने भंडारे के लिए पंजीकरण कराया है। पंजीकृत भंडारों में नगर निगम की ओर से निशुल्क पानी, सफाई और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस भी पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रही है।
नगर निगम ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर:
भंडारे के आयोजन को व्यवस्थित और स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम ने विशेष हेल्पलाइन सुविधा शुरू की है। आयोजक लखनऊ वन ऐप (Lucknow One App) के जरिए भी अपने भंडारे का पंजीकरण कर सकते हैं। नगर निगम का कहना है कि पंजीकरण कराने वाले आयोजकों को प्राथमिकता के आधार पर पानी और सफाई जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही सूखा और गीला कूड़ा अलग रखने के लिए बड़े डस्टबिन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस बार होंगे आठ बड़े मंगल:
हजरतगंज (Hazratganj) स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित मोहित शुक्ला (Mohan Shukla) के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ माह में मलमास पड़ने की वजह से आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं। इसे अत्यंत शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि बड़े मंगल पर बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने और सेवा कार्य करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
हनुमान मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़:
दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर और अलीगंज प्राचीन हनुमान मंदिर में देर रात से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। श्रद्धालु लेटकर परिक्रमा कर रहे हैं और पूरे दिन दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी है। मंदिरों के बाहर भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी बड़े स्तर पर की गई है। कई स्थानों पर शरबत, भोजन और जल सेवा के आयोजन किए जा रहे हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए रूट डायवर्जन लागू:
भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूट डायवर्जन योजना लागू की है। यह व्यवस्था सोमवार रात 12 बजे से प्रभावी कर दी गई। ज्वाइंट सीपी लॉ एंड ऑर्डर बबलू कुमार (Bablu Kumar) ने बताया कि हनुमान सेतु और अलीगंज हनुमान मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल और दो बटालियन पीएसी की तैनाती की गई है। साथ ही आईटीएमएस और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर:
नगर आयुक्त गौरव कुमार (Gaurav Kumar) ने आयोजकों से अपील की है कि भंडारों में प्लास्टिक और थर्माकोल का इस्तेमाल न करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पत्तल और मिट्टी के कुल्हड़ का उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही लाउडस्पीकर का प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुसार ही करने की सलाह दी गई है।
बड़े मंगल की ऐतिहासिक मान्यता:
लखनऊ में बड़े मंगल को विशेष पर्व के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि अवध के तीसरे नवाब शुजाउद्दौला की बेगम मल्लिका आलिया को स्वप्न में हनुमानजी के दर्शन हुए थे। इसके बाद गोमती नदी किनारे खुदाई में हनुमानजी की मूर्ति प्राप्त हुई, जहां बाद में अलीगंज मंदिर की स्थापना हुई। कहा जाता है कि मन्नत पूरी होने के बाद बड़े मंगल पर भंडारे की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।
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