राजधानी Lucknow में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की घटना को लेकर जनपद Ghazipur के अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। हाई कोर्ट के आदेश पर चैंबर हटाने की कार्रवाई के दौरान निहत्थे अधिवक्ताओं पर बल प्रयोग किए जाने के विरोध में जिला अधिवक्ता संघर्ष समिति गाजीपुर और विभिन्न बार संघों के अधिवक्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अधिवक्ताओं ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

बार एसोसिएशन के फैसले का समर्थन:
घटना के बाद Central Bar Association Lucknow और Lucknow Bar Association की ओर से बैठक आयोजित कर विरोध दर्ज कराया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि 18 मई से 20 मई तक लखनऊ जनपद के सभी न्यायालयों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे। इस निर्णय को गाजीपुर के अधिवक्ताओं ने भी समर्थन दिया और लाठीचार्ज की घटना की निंदा की।
चैंबर हटाने के दौरान बढ़ा विवाद:
जानकारी के अनुसार, Civil Court Lucknow और हाई कोर्ट परिसर के बाहर अधिवक्ताओं के चैंबर हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि विरोध कर रहे अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई अधिवक्ता घायल हो गए। इस घटना के बाद प्रदेशभर के अधिवक्ताओं में नाराजगी का माहौल बन गया है।
ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध:
जिला अधिवक्ता संघर्ष समिति गाजीपुर के अध्यक्ष धीरेन्द्र नाथ सिंह और कार्यवाहक सचिव राहुल मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने 18 मई 2026 को Rifle Club Ghazipur में एकत्र होकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उपजिलाधिकारी राजस्व गाजीपुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था संभालने के बजाय निहत्थे वकीलों पर बल प्रयोग किया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों के विपरीत है।
कई अधिवक्ता रहे मौजूद:
ज्ञापन सौंपने के दौरान सतेंद्र श्रीवास्तव, चंद्र मोहन सिंह, राकेश कुमार, धनंजय सिंह, अमित सिंह, प्रियम श्रीवास्तव, अंकित श्रीवास्तव, सुभाष जोशी, जिया कादिर, खैरू इमाम, अजय कुमार, राहुल शर्मा और मोहम्मद इमरान सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की मांग की।
मीडिया प्रभारी ने दी जानकारी:
जिला अधिवक्ता संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी गोविंद जायसवाल ने बताया कि अधिवक्ताओं में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और प्रदेश स्तर पर अधिवक्ताओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनके साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता स्वीकार नहीं की जाएगी।
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