विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान की शुरुआत की गई। सेठ घाट (Seth Ghat) पर आयोजित कार्यक्रम में जिला गंगा समिति (District Ganga Committee) और पर्यावरण मित्र समूह के संयुक्त तत्वावधान में पौधरोपण कर लोगों को जल एवं वायु संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। आयोजन में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण समय की आवश्यकता है और इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
सेठ घाट से हुई अभियान की शुरुआत:
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में 201 पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों को जल संरक्षण, वायु शुद्धता और हरित वातावरण बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह (Anjani Kumar Singh), मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार (Abhishek Kumar) तथा सदर विधायक योगेश वर्मा (Yogesh Verma) सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
सभी ने पौधरोपण कर समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया और लोगों से अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
15.86 लाख पौधों का रखा गया लक्ष्य:
वन विभाग (Forest Department) की ओर से जिलेभर में वृहद वृक्षारोपण अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत 15.86 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग का उद्देश्य जिले में हरित क्षेत्र का विस्तार करना और पर्यावरण संतुलन को मजबूत बनाना है।
अधिकारियों का कहना है कि बड़े पैमाने पर पौधरोपण से न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा बल्कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र की जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों को भी मजबूती मिलेगी।
वन विभाग ने की निगरानी की व्यवस्था:
दक्षिण खीरी (South Kheri) के प्रभागीय वनाधिकारी तापस मिहिर (Tapas Mihir) ने बताया कि जिले में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और समुचित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से वन विभाग द्वारा निगरानी टीमों की तैनाती की गई है, जो लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी करेंगी और उनके बेहतर विकास को सुनिश्चित करेंगी।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान:
बफर जोन (Buffer Zone) की प्रभागीय वनाधिकारी कीर्ति चौधरी (Kirti Chaudhary) ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वृक्षारोपण एक प्रभावी कदम है, लेकिन इसकी सफलता जनसहभागिता पर निर्भर करती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं।
उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे तो हरित और स्वच्छ वातावरण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
पेड़ बचाने का भी दिया गया संदेश:
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखना और विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए वृक्षों का संरक्षण बेहद जरूरी है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू हुआ यह अभियान जिले में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता
