लखनऊ: KGMU लव जिहाद मामला: डॉक्टर के पिता पर 4 हिंदू महिलाओं से निकाह और धर्मांतरण के गंभीर आरोप

लखनऊ (Lucknow) के KGMU (King George’s Medical University) से जुड़े रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन के मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ कई गंभीर पहलू सामने आए हैं। जांच में उसके पिता सलीमुद्दीन की भूमिका को लेकर पुलिस ने विस्तृत जानकारी साझा की है। पुलिस के अनुसार, सलीमुद्दीन लंबे समय से कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियों में सक्रिय था और उसने अलग-अलग राज्यों में कई निकाह किए थे। इस पूरे मामले ने न सिर्फ पारिवारिक पृष्ठभूमि को उजागर किया है, बल्कि एक कथित संगठित नेटवर्क की आशंका को भी मजबूत किया है।

पुलिस जांच में सामने आई पारिवारिक पृष्ठभूमि:
पुलिस के मुताबिक, सलीमुद्दीन ने चार राज्यों—जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), पंजाब (Punjab), उत्तराखंड (Uttarakhand) और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)—में निकाह किए। जांच में यह भी सामने आया कि उसकी चारों पत्नियां पहले हिंदू थीं। पुलिस का दावा है कि सलीमुद्दीन लंबे समय से प्रेमजाल के जरिए धर्मांतरण कराने की गतिविधियों में शामिल रहा और उसने अपने बेटे रमीजुद्दीन को भी इसी दिशा में प्रेरित किया।

पहली पत्नी के रहते दूसरा निकाह:
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सलीमुद्दीन ने पहली पत्नी के रहते करीब 35 वर्ष पहले खतीजा नाम की महिला से दूसरा निकाह किया था। रमीजुद्दीन पहली पत्नी का बेटा बताया जा रहा है, जो पंजाबी समुदाय से थी। जांच में यह भी सामने आया कि परिवार के भीतर हिंदू समाज के प्रति नकारात्मक सोच विकसित की गई, जिसने आगे चलकर कथित आपराधिक गतिविधियों को जन्म दिया।

क्लिनिक के जरिए संपर्क बढ़ाने का आरोप:
सलीमुद्दीन उत्तराखंड के खटीमा (Khatima) क्षेत्र में एक होम्योपैथिक क्लिनिक चलाता था। पुलिस के अनुसार, वह इलाज के बहाने महिलाओं से नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश करता था। उसकी गतिविधियों से असहज होकर कई लोग उससे दूरी बनाने लगे थे। इसके बाद वह अक्सर पीलीभीत (Pilibhit) के न्योरिया क्षेत्र स्थित अपने पैतृक घर में रहने लगा था।

बंद कमरों में कथित बैठकें:
पुलिस का कहना है कि सलीमुद्दीन, उसका बेटा रमीजुद्दीन और काजी जाहिद हसन राना मिलकर बंद कमरों में दीनी तालीम के नाम पर बैठकें करते थे। इन बैठकों में कथित तौर पर कट्टर विचारधारा का प्रचार किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि इन बैठकों के जरिए एक संगठित गिरोह खड़ा करने की कोशिश चल रही थी।

डॉक्टर की पहचान का दुरुपयोग:
जांच एजेंसियों के अनुसार, रमीजुद्दीन डॉक्टर होने की पहचान का इस्तेमाल कर इलाज, मदद और भरोसे के जरिए महिलाओं को अपने प्रभाव में लेता था। पुलिस का दावा है कि उसे उसके पिता द्वारा कथित तौर पर टारगेट दिए जाते थे, ताकि वह ज्यादा प्रभावी तरीके से लोगों को प्रभावित कर सके।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई:
पुलिस ने रमीजुद्दीन को ठाकुरगंज (Thakurganj) इलाके से गिरफ्तार किया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस टीमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली (Delhi) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में उसकी तलाश कर रही थीं। इससे पहले पुलिस ने लखनऊ, पीलीभीत और खटीमा स्थित घरों पर कुर्की के नोटिस भी चिपकाए थे।

शिकायत से खुला मामला:
यह मामला 23 दिसंबर 2025 को सामने आया, जब KGMU की एमडी पैथोलॉजी की एक छात्रा ने चौक (Chowk) थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसके सीनियर डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए, गर्भपात कराया और धर्म परिवर्तन का दबाव डाला।

गिरफ्तारी के बाद बदला रुख:
गिरफ्तारी के बाद रमीजुद्दीन पुलिस के सामने माफी मांगता नजर आया। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि उसके हाव-भाव में पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं दिखे। पुलिस अब सलीमुद्दीन के चारों निकाह, उनकी पत्नियों की पृष्ठभूमि और कथित धर्मांतरण के मामलों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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