काशी (Varanasi) में माघ मेले (Magh Mela) का असर अब काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Mandir) में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। प्रयागराज (Prayagraj) और अन्य तीर्थ स्थलों से देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु काशी पहुंच रहे हैं। इसका सीधा प्रभाव मंदिर में दर्शन-पूजन करने वालों की संख्या पर पड़ा है, जहां प्रतिदिन लगभग 2 से 3 लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) के दर्शन कर रहे हैं।
मंदिर प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम:
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने पांच द्वारों से दर्शन की व्यवस्था की है। इससे भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन को सुचारु रूप से चलाने में मदद मिल रही है। मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से बचा जा सके।
एंड-टू-एंड बैरिकेडिंग व्यवस्था:
मंदिर प्रशासन के एसडीएम शंभू शरण (Shambhu Sharan) ने बताया कि माघ मेले के दौरान विशेष स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं को एंड-टू-एंड बैरिकेडिंग के माध्यम से दर्शन कराए जाएंगे। यह व्यवस्था स्नान पर्व के एक दिन पहले और एक दिन बाद तक लागू रहेगी। इससे अत्यधिक भीड़ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होगी और श्रद्धालु सुरक्षित ढंग से दर्शन कर पाएंगे।
सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा:
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र (Vishw Bhushan Mishra) ने बताया कि मंदिर में दर्शन-पूजन की सामान्य व्यवस्था नए साल के दौरान लागू व्यवस्था के अनुसार रहेगी। माघ मेले के दौरान पड़ने वाले प्रमुख स्नानों पर इसी व्यवस्था का पालन किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन का अवसर मिलेगा।
माघ मेले के प्रमुख स्नान तिथियां:
माघ मेले के पांच मुख्य स्नानों में 14 जनवरी को मकर संक्रांति (Makar Sankranti), 18 जनवरी को मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya), 23 जनवरी को वसंत पंचमी (Vasant Panchami), 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा (Maghi Purnima) और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि (Mahashivratri) शामिल हैं। इन तिथियों पर मंदिर में स्पर्श और वीआईपी दर्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, हालांकि पहले से तय टिकटों पर दर्शन-पूजन कराया जा सकेगा।
काशी में महाकुंभ जैसी ट्रैफिक व्यवस्था:
माघ मेला और पलट प्रवाह को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस (Commissionerate Police) ने यातायात डायवर्जन लागू किया है। प्रमुख स्नान तिथियों पर महाकुंभ जैसी व्यवस्थाएं बनाए रखी जाएंगी। यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिए पांच थानों में होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं।
वाहनों पर नियंत्रण और नो-व्हीकल जोन:
मिर्जामुराद (Mirzapurad), राजातालाब (Rajatalaab), रोहनिया (Rohaniya), रामनगर (Ramnagar) और लंका (Lanka) में 12-12 घंटे वाहनों को रोका जाएगा। मैदागिन–चौक–गोदौलिया (Maidaagin–Chauk–Godawlia) क्षेत्र नो-व्हीकल जोन रहेगा। शहर के अंदर छह प्रमुख रूटों पर ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं:
माघ मेले के दौरान मंदिर प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन चिकित्सा और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही मार्गदर्शन और सूचना बोर्डों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि श्रद्धालु आसानी से मंदिर में प्रवेश और दर्शन कर सकें।
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