वाराणसी (Varanasi) में कोडीन कफ सिरप (Codeine Cough Syrup) कांड की जांच के तहत पुलिस ने देर रात एक बड़ी कार्रवाई की। मामले के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल (Shubham Jaiswal) के करीबी और राधिका इंटरप्राइजेज (Radhika Enterprises) तथा राजेंद्र ड्रैग एजेंसी (Rajendra Drug Agency) के मालिक प्रशांत उपाध्याय (Prashant Upadhyay) के घर वाराणसी पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए, जो आगे की जांच में अहम साबित होंगे।
पुलिस की देर रात छापेमारी:
वाराणसी पुलिस के एसीपी क्राइम (ACP Crime) विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में कोतवाली (Kotwali), रामनगर (Ramnagar) और आदमपुर (Adampur) थानों की टीम मड़ौली (Madouli) स्थित प्रशांत उपाध्याय के घर पहुंची। टीम ने पूरे घर की तलाशी ली और कई अहम दस्तावेज, कोडीन सिरप के रैपर, शीशियां, लैपटॉप और पेन ड्राइव जब्त किए। एसीपी ने बताया कि यह दस्तावेज कोडीन कफ सिरप कांड में प्रशांत उपाध्याय की भूमिका स्पष्ट करने में मदद करेंगे।
प्रशांत घर पर नहीं मिला:
छापेमारी के दौरान प्रशांत उपाध्याय घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मौके से फर्जी दस्तावेज और व्यापार से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए गए। एसीपी ने बताया कि यह जांच की जाएगी कि प्रशांत की दोनों फर्म – राधिका इंटरप्राइजेज और राजेंद्र ड्रग एजेंसी का शैली ट्रेडर्स (Shaili Traders) के साथ लेनदेन किस तरह होता था।
प्रशांत उपाध्याय का व्यापार और जांच:
प्रशांत उपाध्याय को वाराणसी की सप्तसागर दवा मंडी (SaptSagar Dava Mandi) में बड़े कफ सिरप व्यापारी के रूप में जाना जाता है। कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे संख्या 235/2025 में शुभम जायसवाल के साथ उनका भी नाम दर्ज है। पुलिस का अनुमान है कि प्रशांत उपाध्याय की फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये के कोडीन कफ सिरप का लेनदेन किया गया। छापेमारी से प्राप्त दस्तावेज जांच में अहम सबूत के रूप में काम आएंगे।
आगे की जांच में दस्तावेज अहम:
एसीपी क्राइम ने बताया कि पुलिस अब सभी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि प्रशांत उपाध्याय और शुभम जायसवाल के बीच व्यापार के मामले में क्या संबंध थे। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि व्यापार के दौरान फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कहां और कैसे हुआ।
पुलिस की रणनीति और कार्रवाई:
वाराणसी पुलिस ने इस कार्रवाई को रणनीतिक रूप से अंजाम दिया। तीन थानों की संयुक्त टीम ने एसीपी के नेतृत्व में बिना किसी नुकसान के छापेमारी की और सभी दस्तावेज सुरक्षित तरीके से जब्त किए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रशांत उपाध्याय की गिरफ्तारी के लिए आगे भी अभियान चलाया जाएगा।
निगरानी और कानूनी प्रक्रिया:
इस मामले में पुलिस ने बताया कि अब तक जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी गई है। कोडीन कफ सिरप (Codeine Cough Syrup) मामले में जांच में सभी व्यापारी और फर्मों के कारोबार को समझना पुलिस के लिए आवश्यक है।
उपसंहार:
वाराणसी में हुई इस छापेमारी से यह संदेश जाता है कि कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून की नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। प्रशांत उपाध्याय और अन्य शामिलों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की संभावना है।
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