फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण,कानून व्यवस्था सवालों के कटघरे में

संवाददाता: विकास पाठक

जौनपुर। तहसील क्षेत्र के थाना शाहगंज में,फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण,कानून व्यवस्था सवालों के कटघरे में।मालूम हो कि अपहरण की एक घटना ने जनपद की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया हैं। जी हां शाहगंज नगर के अयोध्या मार्ग स्थित गोशाला के पास के निवासी पैथोलाजी संचालक के सात वर्षीय बालक का अपहरण उसके घर से थोड़ी दूर रह रहे शिक्षक के पास ट्यूशन के लिए जाते समय आज शनिवार को सुबह करीब दस बजे कर लिया गया हैं। दोपहर बाद के लगभग तीन बजे एक मैसेज करके अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के पिता से सात लाख रुपये की फिरौती मांगी हैं। अयोध्या मार्ग स्थित गोशाला के समीप दीपचंद यादव रहते हैं और बीबीगंज में पैथोलाजी का संचालन करते हैं। उनका पुत्र अभिषेक (7) इसी मार्ग पर स्थित साउथ इंडियन स्कूल में यूकेजी का छात्र है। लाकडाउन में विद्यालय बंद होने की वजह से पढ़ाई के लिए अभिषेक समीप के यादव कालोनी में रह रहे एक शिक्षक के पास ट्यूशन के लिए प्रतिदिन जाया करता है। नित्य की भांति शनिवार की सुबह करीब 10 बजे अभिषेक अपने घर से शिक्षक के घर के लिए निकला, लेकिन वहां नहीं पहुंच पाया। इसी बीच रास्ते में ही अज्ञात बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। पहले तो अपहरण की घटना से अनजान परिवार वाले उसकी तलाश संभावित स्थानों पर करते रहे थे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इस बीच पिता दीपचंद के मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज में लिखा गया था कि बच्चे का अपहरण कर लिया गया है और फिरौती के रूप में सात लाख रुपये दिया जाए नहीं तो बच्चे की जान ले ली जाएगी। अपहरणकर्ताओं ने पुलिस को सूचना देने से भी मना किया था। बच्चे की अपहरण की जानकारी मिलने पर अपहृत बच्चे के परिवार व सगे संबंधी उसके घर पहुंचने लगे। काफी मशक्कत के बाद घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दिया गया। क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश्वर मिश्र मैं फोर्स पीड़ित के घर पहुंचे। घटना के बारे में आवश्यक जानकारी लेते हुए मामले की छानबीन में जुट गए। पुलिस के अधिकारी इस संदर्भ में अभी कुछ स्पष्ट बताने से परहेज कर रहे हैं। इतना दावा कर रहे हैं बच्चे को सकुशल बरामद करने के लिए पुलिस लगी है। इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को सवालों के कटघरे में खड़ा किया है आखिर अपराधियों में कानून का डर क्यों नहीं है इसकेलिए कौन जिम्मेदार हैं।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading