ईरान (Iran) से जुड़े कथित हंदाला हैकर ग्रुप (Handala Hacker Group) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने इजराइली सेना के पूर्व प्रमुख Herzi Halevi (हर्जी हलेवी) के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस हैक कर लिए थे। इस दावे के सामने आने के बाद पश्चिम एशिया (Middle East) में पहले से जारी तनाव और अधिक गहरा गया है। हैकर समूह का कहना है कि वह लंबे समय से गुप्त रूप से उनके सिस्टम में घुसपैठ कर रहा था और इस दौरान उसने हजारों तस्वीरें और वीडियो हासिल किए हैं।
हैकिंग और लीक किए गए डेटा का दावा:
हंदाला हैकर ग्रुप (Handala Hacker Group) के अनुसार, उसने कई वर्षों तक इजराइली सेना के पूर्व प्रमुख Herzi Halevi (हर्जी हलेवी) की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखी। इस दौरान समूह ने कथित तौर पर हजारों फोटो और वीडियो एकत्र किए, जिनमें इजराइल (Israel) की गुप्त सैन्य बैठकों, सैन्य ठिकानों और आंतरिक रणनीतिक जानकारी से जुड़े दृश्य शामिल हैं।
फोटो और वीडियो में क्या दिखा:
हैकर ग्रुप द्वारा जारी किए गए कुछ फोटो और वीडियो में Herzi Halevi (हर्जी हलेवी) को अलग-अलग सैन्य ठिकानों का दौरा करते, उच्च अधिकारियों के साथ बैठकें करते और रणनीतिक चर्चाओं में शामिल होते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा कुछ तस्वीरें उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी बताई जा रही हैं, जिनमें पारिवारिक फोटो और पहचान दस्तावेज भी शामिल हैं। इन लीक में कुछ ऐसी अंतरराष्ट्रीय बैठकों का भी उल्लेख है, जिनमें Jordan (जॉर्डन) और Qatar (कतर) में हुई कथित मुलाकातें शामिल हैं, जिनकी पहले सार्वजनिक पुष्टि नहीं थी।
इजराइली सेना की प्रतिक्रिया का इंतजार:
इस पूरे मामले पर अभी तक Israel Defense Forces (इजराइली सेना) या Herzi Halevi (हर्जी हलेवी) की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है। हालांकि, इस तरह के दावों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
ईरान-इजराइल संघर्ष से जुड़े बड़े अपडेट्स:
पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे तनाव के बीच कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। United States of America (अमेरिका) ने स्पष्ट किया है कि उसने फिलहाल हमले रोक दिए हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर ईरान पर दोबारा कार्रवाई की जा सकती है। वहीं अमेरिकी दावों के अनुसार, ईरान (Iran) के सैन्य ठिकानों पर कई हमले हुए हैं, जिससे उसे रणनीतिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ है और उसकी सैन्य क्षमता पर असर पड़ा है।
सीजफायर और कूटनीतिक विवाद:
Lebanon (लेबनान) ने Pakistan (पाकिस्तान) से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या वह सीजफायर समझौते में शामिल है या नहीं। वहीं ईरान (Iran) ने आरोप लगाया है कि United States of America (अमेरिका) ने सीजफायर की तीन शर्तों का उल्लंघन किया है, जिससे भरोसे का संकट पैदा हुआ है। इस स्थिति ने कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट और समुद्री सुरक्षा:
ईरान (Iran) ने Hormuz Strait (होर्मुज स्ट्रेट) में संभावित खतरे को देखते हुए जहाजों के लिए वैकल्पिक मार्ग सुझाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्र में बिछी बारूदी सुरंगों के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
लेबनान में भारी सैन्य कार्रवाई और हताहत:
इजराइली सेना द्वारा Lebanon (लेबनान) में किए गए हवाई हमलों में भारी जनहानि की खबर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को किए गए हमलों में लगभग 254 लोगों की मौत हो गई और 1,165 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस घटना के बाद Lebanon (लेबनान) में राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी गई है।
क्षेत्रीय तनाव और अनिश्चितता:
इन सभी घटनाओं के बीच पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। साइबर हमलों से लेकर सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक विवाद तक, हालात तेजी से बदल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, स्थिति पर वैश्विक नजर बनी हुई है और आने वाले समय में इससे जुड़े और भी बड़े घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।
#tags: #Iran #Israel #MiddleEast #CyberAttack #Lebanon #Geopolitics
Disclaimer
यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।

