लखनऊ (Lucknow) में आयोजित इंडिया स्किल्स नेशनल कॉम्पटीशन 2025–26 का भव्य समापन उत्साह और ऊर्जा से भरे माहौल में सम्पन्न हुआ। Ministry of Skill Development and Entrepreneurship द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभागियों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल की। कार्यक्रम में कौशल, नवाचार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
स्किल इंडिया बना जनआंदोलन:
मुख्य अतिथि जयंत चौधरी ने कहा कि स्किल इंडिया मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक व्यापक जनआंदोलन है। उन्होंने युवाओं को निरंतर सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए सतत प्रयास आवश्यक है। उनके अनुसार, सरकार, उद्योग और समाज के संयुक्त प्रयास से ही देश में कौशल विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
हुनर से बढ़ेगी वैश्विक पहचान:
विशिष्ट अतिथि राज्यवर्धन राठौड़ ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की असली पहचान उसका हुनर होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भाग लेने वाले प्रतिभागी भारत की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेंगे।
कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते युवा:
प्रदेश के कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल ही सबसे बड़ी शक्ति है, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाती है। उन्होंने कहा कि छोटे कस्बों और गांवों से निकलकर युवा आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, जो विकसित भारत 2047 की दिशा में मजबूत कदम है।
युवाओं की क्षमता पर विश्वास जरूरी:
हरियाणा सरकार के मंत्री गौरव गौतम ने युवाओं को देश के भविष्य की आधारशिला बताते हुए उनके कौशल और क्षमता पर विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा ही देश को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
कौशल प्रतियोगिता बना उत्सव:
अरुण कुमार पिल्लई ने स्वागत भाषण में कहा कि यह प्रतियोगिता केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि कौशल और समर्पण का उत्सव है। यह युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करती है, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान भी देती है।
उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन:
पुलकित खरे ने बताया कि उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। प्रयागराज (Prayagraj) के नितिन कुमार और आगरा (Agra) के सूर्यांश गुप्ता ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा गाजीपुर (Ghazipur) के कैफ खान तथा फतेहपुर (Fatehpur) के रुद्र प्रताप और प्रीतम प्रजापति की टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता।
रजत और कांस्य पदक विजेताओं की उपलब्धि:
मुरादाबाद (Moradabad) के सात्विक गोयल और गाजियाबाद (Ghaziabad) के जुनैद ने रजत पदक प्राप्त किया। वहीं फर्रुखाबाद (Farrukhabad) के गंभीर सिंह, लखनऊ की लावण्या शुक्ला और कानपुर (Kanpur) की शीतल वर्मा ने कांस्य पदक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़े अवसर:
इस प्रतियोगिता में बिहार (Bihar), महाराष्ट्र (Maharashtra) सहित कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश दिया गया कि यह मंच युवाओं को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है और कौशल आधारित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#skills #indiaskills #youth #employment #uttarpradesh #development