पाकिस्तान (Pakistan) के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने सियालकोट (Sialkot) में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारत (India) को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि भारत किसी तरह का फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन करता है, तो इस बार संघर्ष केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह बड़े शहरों तक फैल सकता है। उनके इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन को लेकर आरोप:
ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने दावा किया कि भारत अपने ही नागरिकों या हिरासत में मौजूद पाकिस्तानियों का इस्तेमाल कर एक झूठा घटनाक्रम तैयार कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के किसी प्रयास से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
भारत की ओर से पहले दी जा चुकी चेतावनी:
इस बयान से पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने केरल (Kerala) में आयोजित एक कार्यक्रम में पाकिस्तान को लेकर कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि पाकिस्तान कोई भी अनुचित कदम उठाता है, तो भारतीय सेना उसका निर्णायक जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सुरक्षा से जुड़े अभियानों को अभी समाप्त नहीं माना जाना चाहिए।
प्रॉक्सी वॉर के आरोप और बयानबाजी:
ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने हाल के दिनों में भारत और अफगानिस्तान (Afghanistan) की तालिबान सरकार पर पाकिस्तान के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर चलाने का आरोप भी लगाया था। उन्होंने कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो पाकिस्तान अपने हितों की रक्षा के लिए कठोर कदम उठा सकता है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ टकराव की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
पूर्व पाक उच्चायुक्त का भी विवादित बयान:
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित (Abdul Basit) ने भी एक बयान में कहा था कि यदि पाकिस्तान पर बाहरी हमला होता है, तो वह भारत के प्रमुख शहरों को निशाना बना सकता है। हालांकि, उन्होंने इसे एक संभावित और असाधारण स्थिति बताया था।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा तनाव:
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
सैन्य कार्रवाई और जवाबी कदम:
भारत ने इस अभियान के तहत कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था, जबकि पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की बात कही थी। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बाद अंततः 10 मई 2025 को युद्धविराम लागू किया गया, जिससे स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई।
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