आज 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद देशभर में कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो जाएंगे। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब, यात्रा और टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं पर पड़ेगा। खासतौर पर टोल भुगतान, टैक्स निवेश और बैंकिंग से जुड़े नियमों में बदलाव के चलते लोगों को पहले से तैयारी करने की जरूरत है, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
टोल प्लाजा पर नगद भुगतान पूरी तरह बंद:
1 अप्रैल से देश के सभी टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर नकद भुगतान की सुविधा समाप्त कर दी जाएगी। अब वाहन चालकों को केवल फास्टैग (FASTag) या यूपीआई (UPI) के माध्यम से ही टोल टैक्स का भुगतान करना होगा। यदि किसी वाहन में फास्टैग सक्रिय नहीं है और डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे वाहनों को जुर्माना देना पड़ सकता है या उन्हें वापस भी भेजा जा सकता है।
टैक्स और बैंकिंग से जुड़े कार्यों की डेडलाइन खत्म:
आज रात के बाद टैक्स और बैंकिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की समय सीमा समाप्त हो जाएगी। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसे खातों को सक्रिय बनाए रखने के लिए हर साल न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। यदि निर्धारित राशि जमा नहीं की गई, तो खाते निष्क्रिय हो सकते हैं और उन्हें दोबारा चालू कराने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था में निवेश का अंतिम अवसर:
पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत टैक्स बचाने के लिए निवेश करने का आज अंतिम दिन है। आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 80C के अंतर्गत 1.5 लाख रुपए तक की छूट प्राप्त करने के लिए पीपीएफ, बीमा और अन्य योजनाओं में निवेश किया जा सकता है। वहीं धारा 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा खर्चों पर छूट मिलती है। 1 अप्रैल के बाद किया गया निवेश अगले वित्तीय वर्ष में शामिल होगा।
नौकरीपेशा लोगों के लिए जरूरी दस्तावेज:
सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए अपने कार्यालय में निवेश से जुड़े दस्तावेज जमा करना जरूरी है। इसमें किराया रसीद, बीमा प्रीमियम की रसीद और होम लोन से जुड़े दस्तावेज शामिल होते हैं। यदि ये दस्तावेज समय पर जमा नहीं किए गए, तो कंपनी द्वारा अधिक टीडीएस काटा जा सकता है, जिसे वापस पाने के लिए आयकर रिटर्न भरना आवश्यक होगा।
डिजिटल भुगतान की तैयारी जरूरी:
टोल नियमों में बदलाव के साथ ही डिजिटल भुगतान की आवश्यकता और बढ़ गई है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने फास्टैग (FASTag) को सक्रिय करें या अपने मोबाइल में यूपीआई (UPI) भुगतान की सुविधा सुनिश्चित करें। इससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकेगा और नियमों का पालन भी आसानी से किया जा सकेगा।
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