भारत ने (Commonwealth Games 2026) (कॉमनवेल्थ गेम्स 2026) के सातवें दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की संख्या में बढ़ोतरी की। पैरा एथलेटिक्स, लॉन्ग जंप, बॉक्सिंग और शॉट पुट सहित कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। सातवें दिन भारत को तीसरा स्वर्ण पदक मिला, जबकि कई अन्य खिलाड़ियों ने भी पदक जीतकर या सेमीफाइनल में पहुंचकर देश की उम्मीदों को और मजबूत किया। भारतीय दल अब पदक तालिका में फिर से आठवें स्थान पर पहुंच गया है।
Dilip Mahadu Gavit ने दिलाया तीसरा गोल्ड:
भारत के पैरा एथलीट Dilip Mahadu Gavit (दिलीप महादु गावित) ने पुरुषों की पैरा T47 वर्ग की 100 मीटर दौड़ में 10.71 सेकेंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया और अपने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसी स्पर्धा में भारत के Mohammad Basil (मोहम्मद बासिल) ने 10.83 सेकेंड का समय लेकर रजत पदक जीता। इंग्लैंड के Kevin Santos (केविन सैंटोस) ने 10.85 सेकेंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। T47 वर्ग में उन खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है, जिनके एक या दोनों हाथों में शारीरिक अक्षमता होती है या हाथ की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
संघर्ष से सफलता तक दिलीप की प्रेरक यात्रा:
(Maharashtra) (महाराष्ट्र) के (Nashik) (नासिक) के पास स्थित (Toran Dongri) (तोरण डोंगरी) गांव के रहने वाले Dilip Mahadu Gavit (दिलीप महादु गावित) किसान परिवार से आते हैं। बचपन में माता-पिता के साथ खेतों में काम करने के दौरान पांच से छह वर्ष की उम्र में पेड़ से गिरने के कारण उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लगी। समय पर उपचार नहीं मिलने से हाथ में गैंगरीन हो गया और कोहनी के नीचे से हाथ काटना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और गांव की कच्ची सड़कों पर दौड़ का अभ्यास शुरू किया। बाद में Coach Vaijnath Kale (कोच वैजनाथ काले) ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें पेशेवर पैरा एथलेटिक्स में आगे बढ़ने का अवसर दिया।
Mohammad Basil ने भी रजत पदक से बढ़ाया सम्मान:
(Kerala) (केरल) में 28 फरवरी 2005 को जन्मे Mohammad Basil (मोहम्मद बासिल) लगभग आठ वर्षों तक सामान्य एथलीट के रूप में खेलते रहे। वर्ष 2025 तक उन्हें पैरा एथलेटिक्स की जानकारी नहीं थी। बाद में सलाह मिलने पर उन्होंने पैरा खेलों में कदम रखा और (SAI) (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) में प्रशिक्षण प्राप्त किया। मई 2026 में (Bengaluru) (बेंगलुरु) में आयोजित 8वीं इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने T47 वर्ग की 100 मीटर दौड़ 10.63 सेकेंड में पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन (Commonwealth Games 2026) (कॉमनवेल्थ गेम्स 2026) के लिए हुआ।
Murali Sreeshankar ने रचा नया इतिहास:
भारत के लॉन्ग जंप खिलाड़ी Murali Sreeshankar (मुरली श्रीशंकर) ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। इसके साथ ही वह लगातार दो (Commonwealth Games) (कॉमनवेल्थ गेम्स) में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय लॉन्ग जंप खिलाड़ी बन गए। स्वर्ण पदक (Jamaica) (जमैका) के Tajay Gayle (तजय गेल) ने 8.15 मीटर की छलांग के साथ जीता, जबकि (Scotland) (स्कॉटलैंड) के Stephen Mackenzie (स्टीफन मैकेंजी) ने 8.08 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया। श्रीशंकर स्वर्ण पदक से केवल 6 सेंटीमीटर पीछे रहे।
चोट के बाद शानदार वापसी का मिला इनाम:
Murali Sreeshankar (मुरली श्रीशंकर) के लिए यह रजत पदक केवल उपलब्धि नहीं बल्कि संघर्ष की कहानी भी है। वर्ष 2024 में गंभीर चोट के कारण वह (Paris Olympics) (पेरिस ओलिंपिक) में हिस्सा नहीं ले सके थे। लंबे पुनर्वास और कठिन अभ्यास के बाद उन्होंने वापसी करते हुए इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और लगातार दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने में सफलता हासिल की।
भारत फिर पहुंचा पदक तालिका में आठवें स्थान पर:
सातवें दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में 3 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 15 पदक हो गए हैं। इसके साथ भारतीय दल पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले पांचवें दिन भारत नौवें स्थान पर खिसक गया था। वहीं (Australia) (ऑस्ट्रेलिया) 47 स्वर्ण सहित कुल 103 पदकों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
बॉक्सिंग में भारत के 10 पदक हुए पक्के:
भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। बुधवार को छह और मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंच गए, जिससे बॉक्सिंग में भारत के कुल 10 पदक सुनिश्चित हो गए। Jasmin Lamboria (जैस्मिन लैम्बोरिया) ने महिला 57 किलोग्राम वर्ग में (England) (इंग्लैंड) की Ellis Glyn (इलिस ग्लिन) को 4-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। इससे पहले Arundhati (अरुंधति), Sakshi Chaudhary (साक्षी चौधरी), Narendra Berwal (नरेंद्र बेरवाल), Ankush Panghal (अंकुश पंघल) और Sachin (सचिन) भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचे। Lovlina Borgohain (लवलीना बोरगोहेन), Preeti Pawar (प्रीति पवार), Priya Ghanghas (प्रिया घंगस) और Jadumani Singh (जादुमणि सिंह) पहले ही सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक सुनिश्चित कर चुके हैं। बॉक्सिंग में तीसरे स्थान के लिए अलग मुकाबला नहीं होता, इसलिए सेमीफाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों का कांस्य पदक पक्का हो जाता है।
शॉट पुट में फाइनल में पहुंचे दो भारतीय:
भारतीय शॉट पुट खिलाड़ी Tajinderpal Singh Toor (तजिंदरपाल सिंह तूर) और Samardeep Singh Gill (समरदीप सिंह गिल) ने फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। तूर ने दूसरे प्रयास में 20.14 मीटर का थ्रो कर सीधे फाइनल में जगह बनाई। वहीं समरदीप गिल ने 19.95 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ शीर्ष 12 खिलाड़ियों में स्थान बनाकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
वेटलिफ्टिंग में संजना पदक से चूकीं:
19 वर्षीय वेटलिफ्टर Sanjana (संजना) महिला 77 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में स्नैच के तीनों प्रयासों में 94 किलोग्राम वजन उठाने में सफल नहीं हो सकीं। इस कारण वह पदक जीतने से चूक गईं। इससे पहले Nirupama Devi Seram (निरुपमा देवी सेराम) भी अपने वर्ग में क्लीन एंड जर्क के तीनों प्रयासों में असफल रही थीं। संजना ने इसी वर्ष एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।
पहले भी मिला था शानदार प्रदर्शन का इनाम:
इससे पहले (Commonwealth Games 2026) (कॉमनवेल्थ गेम्स 2026) के पांचवें दिन भारत ने दो रजत पदक जीते थे। Gulveer Singh (गुलवीर सिंह) ने पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में दूसरा स्थान हासिल कर इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया था।
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