रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ में अवैध हथियारों के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोरई थाना क्षेत्र में संचालित अवैध तमंचा बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया है। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारकर मौके से बने और अधबने तमंचे बरामद किए, साथ ही इस अवैध गतिविधि में शामिल पांच शातिर लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई:
गोरई थाना पुलिस को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध हथियारों की आवाजाही की जानकारी मिल रही थी। इसी कड़ी में एक मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि थाना क्षेत्र के एक स्थान पर अवैध तमंचा बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और पूरी तैयारी के साथ छापेमारी की योजना बनाई। पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची तो वहां अवैध तरीके से हथियार तैयार किए जा रहे थे।
फैक्ट्री से बने और अधबने तमंचे बरामद:
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुल 10 बने हुए तमंचे और करीब आधा दर्जन अधबने तमंचे बरामद किए। इसके अलावा तमंचा बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार और अन्य सामग्री भी पुलिस के हाथ लगी। बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर पुलिस ने मौके पर ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये तमंचे बेहद खतरनाक श्रेणी के हैं और आसानी से किसी भी वारदात में इस्तेमाल किए जा सकते थे।
पांच शातिर आरोपी गिरफ्तार:
इस कार्रवाई में पुलिस ने अवैध तमंचा बनाने वाले पांच शातिर आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और किन-किन लोगों तक हथियारों की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी काफी समय से अवैध हथियार बनाने और बेचने के धंधे में लिप्त थे।
एसपी ग्रामीण ने किया खुलासा:
मामले का खुलासा करते हुए एसपी ग्रामीण Amrit Jain ने बताया कि गोरई थाना पुलिस की यह कार्रवाई अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बरामद तमंचों की सप्लाई अलीगढ़ और आसपास के जनपदों में की जा रही थी। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
आसपास के जिलों में होती थी सप्लाई:
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध फैक्ट्री से तैयार किए गए तमंचों की सप्लाई केवल अलीगढ़ तक सीमित नहीं थी, बल्कि आसपास के जनपदों में भी इन हथियारों को पहुंचाया जा रहा था। इससे साफ है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर काम कर रहा था और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की मंशा रखता था।
चुनावी माहौल में बढ़ सकती थी खतरे की आशंका:
सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव को देखते हुए अवैध तमंचों की सप्लाई तेज की जा रही थी। ऐसे समय में पुलिस की यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि चुनावी माहौल में अवैध हथियारों का इस्तेमाल गंभीर स्थिति पैदा कर सकता था। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है कि कहीं यह सप्लाई चुनावी हिंसा से जुड़ी तो नहीं थी।
पुलिस की सख्ती से अपराधियों में खौफ:
गोरई थाना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के बीच खौफ का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर ऐसे कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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