संवाददाता सऊद अंसारी
ग़ाज़ीपुर। ज़िला अस्पताल में खूशबु नामक एक बच्ची को पिछले कुछ दिनों से रक्त की ज़रुरत थी AB+ ब्लड ब्लडबैंक में न होने से परिजन काफ़ी परेशान थे। जब इसकी जानकारी रक्तदान ग़ाज़ीपुर के संस्थापक आरुश चौधरी को पड़ी तो अपने रक्तदान ग़ाज़ीपुर परिवार के सदस्य उमाशंकर जायसवाल को बताया और फ़ौरन रक्तवीर उमाशंकर जायसवाल ज़िला अस्पताल ब्लड बैंक में ब्लड देंकर समाज में एक अच्छी मिशाल क़ायम किए। उमाशंकर जी आज पहली बार रक्तदान किए है उन्होंने बताया कि रक्तदान करने में किसी तरह की कोई दिक़्क़त परेशानी नही होती है। बल्कि सुखद अनुभूति होती है वो आगे में ज़रुरतमंदो के सेवा में शामिल रहेंगे और साल में 4 बार रक्तदान अवश्य करेंगे।