रिपोर्टर : अमित कुमार
बलिया (Ballia) के सिकंदरपुर (Sikandarpur) तहसील के नवानगर (Navangar) शिक्षा क्षेत्र में स्थित ज्ञानकुंज अकैडमी (GyanKunj Academy) स्कूल अब केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शिक्षा जगत में भी अपनी पहचान बना चुका है। 5,000 छात्रों की बड़ी संख्या वाले इस स्कूल में हिन्दू (Hindu) और मुस्लिम (Muslim) दोनों धर्मों के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, और यह स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान:
ज्ञानकुंज अकैडमी (GyanKunj Academy) की शिक्षा नीति (Education Policy) इतनी प्रभावशाली मानी जा रही है कि दुनिया में मशहूर फ़िनलैंड (Finland) के एजुकेशन एक्सपर्ट्स ने इस नीति को सीखने और साझा करने की इच्छा जताई है। स्कूल के प्रबंधक डी एन सिंह (D N Singh) का कहना है कि उनका स्कूल हाइब्रिड टेक्नॉलॉजी (Hybrid Technology) और किंडरगार्टन एजुकेशन सिस्टम (Kindergarten Education System) को भारतीय संस्कृति और सभ्यता (Indian Culture and Civilization) के साथ जोड़ता है।
सभी धर्मों के छात्रों के लिए समान अवसर:
बलिया (Ballia) के ग्रामीण इलाके में पांच हजार छात्रों वाले इस स्कूल में लगभग 40 प्रतिशत छात्र मुस्लिम (Muslim) हैं। प्रबंधक डी एन सिंह (D N Singh) ने बताया कि स्कूल में ऐसा वातावरण है जहाँ धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। यहां हिन्दू (Hindu) और मुस्लिम (Muslim) छात्र समान रूप से शिक्षा प्राप्त करते हैं और प्रत्येक छात्र की प्रतिभा को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
सरकारी और अंतरराष्ट्रीय सम्मान:
ज्ञानकुंज अकैडमी (GyanKunj Academy) को साउथ कोरिया (South Korea) की सरकार से भी सम्मानित किया जा चुका है। स्कूल के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय है। प्रबंधक डी एन सिंह (D N Singh) ने बताया कि फ़िनलैंड (Finland) के एजुकेशनिस्ट्स और एक्सपर्ट्स उनके स्कूल की शिक्षा नीति (Education Policy) साझा करने के लिए संपर्क में हैं।
ग्रामीण इलाके में शिक्षा का मॉडल:
सिकंदरपुर (Sikandarpur) तहसील के बंसीबाजार (Bansibazar) इलाके में बने इस स्कूल की तस्वीरें देखकर समझना मुश्किल होता है कि इसमें किस धर्म के छात्र पढ़ रहे हैं। यह स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता और आधुनिक पद्धतियों के साथ भारतीय संस्कृति के संगम का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का संगम:
डी एन सिंह (D N Singh) ने बताया कि उनके स्कूल का एजुकेशन मॉडल (Education Model) किसी भी अन्य किंडरगार्टन स्कूल (Kindergarten School) से अलग है। यहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय सभ्यता (Indian Civilization) की जानकारी और संस्कार भी सिखाए जाते हैं। यह स्कूल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि सामाजिक समरसता (Social Harmony) के क्षेत्र में भी उदाहरण प्रस्तुत करता है।
विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी:
स्कूल की शिक्षा नीति (Education Policy) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना इसके उत्कृष्ट प्रयासों को दर्शाता है। फ़िनलैंड (Finland) और अन्य देशों के एजुकेशन एक्सपर्ट्स इस नीति को अपने शिक्षा मॉडल में शामिल करने की इच्छा रखते हैं। यह बात स्कूल और ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षा के लिए गर्व का विषय है।
निष्कर्ष:
ज्ञानकुंज अकैडमी (GyanKunj Academy) स्कूल ने साबित किया है कि ग्रामीण भारत (Rural India) में आधुनिक शिक्षा (Modern Education) और भारतीय संस्कृति (Indian Culture) का समन्वय संभव है। यह स्कूल न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education) प्रदान कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा नीति (Education Policy) साझा करने का उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।
Tags: #GyanKunjAcademy #BalliaEducation #FinlandEducation #HybridSchool
Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।