रिपोर्टर: प्रदीप शर्मा
गाजीपुर (Ghazipur) जनपद न्यायालय के पॉक्सो कोर्ट (POCSO Court) ने गैंगरेप के एक गंभीर मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी बृजेश उर्फ वीरू को 12 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राम अवतार ने यह फैसला सुनाते हुए आरोपी पर 20,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया। वहीं, मामले में दूसरा आरोपी रामेश्वर संदेह का लाभ मिलने पर बरी कर दिया गया।
मामला सैदपुर थाना क्षेत्र का:
पूरा घटनाक्रम सैदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। यहां की रहने वाली एक नाबालिग लड़की अपने एक मित्र से मिलने के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी बृजेश उससे मिला और बहाने से उसे दूर ले गया। आरोपी ने उसे ईंट भट्ठे के पास पहुंचाया, जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसी स्थान पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भी उसके साथ रेप किया।
पीड़िता ने बहन को सुनाई आपबीती:
घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को सुबह उसकी बहन के घर पहुंचा दिया। वहां पहुंचने पर नाबालिग ने पूरी घटना अपनी बहन को बताई। इसके बाद बहन उसे साथ लेकर सैदपुर थाने गई और आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई और अदालत में पेशी:
पुलिस जांच के बाद 31 जुलाई 2023 को दोनों आरोपियों — वीरू और रामेश्वर — के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) सहित कई धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 7 गवाहों को अदालत में पेश किया। सभी गवाहों के बयानों ने अभियोजन के दावों की पुष्टि की।
अदालत का निर्णय:
दोनों पक्षों की दलीलों और गवाहों के बयानों को ध्यान में रखते हुए न्यायाधीश राम अवतार ने फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी रामेश्वर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जबकि बृजेश उर्फ वीरू को दोषी पाते हुए 12 साल के सश्रम कारावास और 20,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायिक कार्रवाई से पीड़िता को मिला न्याय:
अदालत के इस निर्णय से पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिला है। यह फैसला इस बात का भी उदाहरण है कि कानून के तहत ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को सख्त सजा दी जाएगी।
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