रिपोर्टर: प्रदीप शर्मा
गाजीपुर में अब पुराने और कबाड़ घोषित वाहनों के निस्तारण की समस्या का समाधान हो गया है। जनपद में स्थापित पूर्वांचल स्क्रैपिंग सेंटर (Purvanchal Scrapping Center) का शुभारंभ जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने किया। यह केंद्र उन वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जिनकी दोपहिया या चारपहिया गाड़ियां 15 साल की अवधि पूरी करने के बाद कबाड़ घोषित हो चुकी हैं। अब ऐसे वाहन विभागीय प्रक्रिया के तहत सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से स्क्रैप किए जा सकेंगे।
पुराने वाहनों की समस्या और विभागीय कार्रवाई:
कानून के अनुसार, 15 वर्ष से अधिक पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहन विभाग द्वारा कबाड़ घोषित कर दिए जाते हैं। इस स्थिति में वाहन मालिकों को वाहन का उपयोग बंद करना होता है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि कई लोग इन वाहनों को कबाड़ियों को बेच देते हैं, जो उनका उचित मूल्य नहीं देते। इतना ही नहीं, कई बार कबाड़ी इन गाड़ियों का दुरुपयोग भी कर लेते हैं, जिससे वाहन मालिकों को कानूनी या प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पूर्वांचल स्क्रैपिंग सेंटर की स्थापना का उद्देश्य:
भारत सरकार (Government of India) ने ऐसी परेशानियों को दूर करने के लिए गाजीपुर में पूर्वांचल स्क्रैपिंग सेंटर की स्थापना कराई है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य पुराने वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। यहां वाहन मालिक अपने पुराने वाहनों को विभागीय प्रक्रिया के तहत जमा कर सकते हैं, जहां से उन्हें उचित मूल्य भी प्राप्त होगा।
जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ:
जिलाधिकारी (DM) अविनाश कुमार ने सेंटर का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों को भी राहत देने वाली साबित होगी। पुराने वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण का एक बड़ा कारण होता है। ऐसे में इन वाहनों का सुरक्षित निस्तारण न केवल पर्यावरण को स्वच्छ बनाएगा बल्कि सड़क सुरक्षा में भी सुधार लाएगा।
वाहन मालिकों के लिए लाभकारी पहल:
सेंटर पर पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन, जांच और निस्तारण विभागीय प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। इस दौरान वाहन मालिक को एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा जो यह दर्शाएगा कि वाहन को आधिकारिक रूप से स्क्रैप किया गया है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार के दुरुपयोग की संभावना समाप्त हो जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान:
यह कदम ‘ग्रीन इंडिया मिशन’ और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की दिशा में भी एक बड़ा योगदान है। पुराने वाहनों के सुरक्षित निस्तारण से प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
निष्कर्ष:
गाजीपुर में पूर्वांचल स्क्रैपिंग सेंटर की शुरुआत से अब वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहनों के निस्तारण के लिए सुरक्षित और सरकारी मान्यता प्राप्त विकल्प मिल गया है। यह पहल प्रशासनिक पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण दोनों के दृष्टिकोण से अत्यंत सराहनीय है।
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