अलीगढ़ (Aligarh) जनपद में इंडियन मेडिकल रजिस्टर (Indian Medical Register) में बिना रजिस्ट्रेशन के कई डॉक्टर नर्सिंग होमों (Nursing Homes) में प्रैक्टिस कर रहे हैं। उम्रदराज 100 से 125 साल तक के डॉक्टरों के नाम का फर्जी इस्तेमाल कर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ हो रहा है। इस मामले ने जिला प्रशासन (District Administration) में हड़कंप मचा दिया है। डीएम (DM) ने मजिस्ट्रेटी जांच (Magisterial Inquiry) के आदेश दिए हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्यवाही करने की घोषणा की है।
फर्जी डॉक्टरों की पहचान और शिकायत:
शिकायतकर्ता डॉक्टर सी.पी. गुप्ता (C.P. Gupta) ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग (Health Department) द्वारा प्रपत्र पूरा करने वाले डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा रहा है, जबकि कई फर्जी डॉक्टरों का नाम इंडियन मेडिकल रजिस्टर में शामिल है। अलीगढ़ में सन 1925 में एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री हासिल करने वाले फैजाबाद (Faizabad) निवासी डॉक्टर माशा अल्लाह का नाम दूसरे डॉक्टर द्वारा फर्जी तरीके से पंजीकृत किया गया है। इसके अलावा लंदन (London) से एमबीबीएस की डिग्री लेने वाली श्वेता दीक्षित (Shweta Dixit) को भी स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर का दर्जा मिल चुका है।
स्वास्थ्य विभाग में मिलीभगत की आशंका:
जांच में सामने आया कि कम से कम सात नर्सिंग होमों (Nursing Homes) में फर्जी डॉक्टर प्रैक्टिस कर रहे हैं। शिकायत के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा संभव हो पाया है। जिन डॉक्टरों का जिला स्वास्थ्य विभाग (District Health Department) में पंजीकरण है, उनका इंडियन मेडिकल रजिस्टर में कहीं भी पंजीयन नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कुछ फर्जी डॉक्टर्स विभाग के मदद से नर्सिंग होम संचालित कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए:
डीएम (DM) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की योजना है।
आम जनता के लिए खतरा:
फर्जी डॉक्टरों की प्रैक्टिस (Practice) से आम जनता के स्वास्थ्य (Public Health) को गंभीर खतरा है। शिकायतकर्ता डॉक्टर सी.पी. गुप्ता ने बताया कि इस फर्जीवाड़े की जानकारी पहले भी शासन और एडी हेल्थ (AD Health) को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
संभावित भविष्य की समस्या:
यदि शासन (Government) और स्वास्थ्य विभाग समय रहते इस मामले पर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो आने वाले समय में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ होने की आशंका बनी रहेगी।
निष्कर्ष:
अलीगढ़ (Aligarh) में फर्जी डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, और आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
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