प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को गुजरात दौरे के दौरान दाहोद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए *वंदे भारत एक्सप्रेस सहित दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे।
नई सेवाओं में साबरमती-वेरावल वंदे भारत एक्सप्रेस और वलसाड-दाहोद एक्सप्रेस शामिल हैं। और प्रधानमंत्री सबसे पहले दाहोद जाएंगे, जहां वे लोको मैन्युफैक्चरिंग शॉप-रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप का उद्घाटन करेंगे।
पहली ट्रेन, साबरमती-वेरावल वंदे भारत एक्सप्रेस, साबरमती स्टेशन को प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पास वेरावल को जोड़ेगी। यह गुरुवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। इस रेलगाड़ी में आठ डिब्बे होंगे और इससे गुजरात के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक सोमनाथ की यात्रा करने वाले तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है।
पीएम सोमनाथ-अहमदाबाद वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे और दाहोद में रेलवे उत्पादन इकाई का उद्घाटन करेंगे, जिसे ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित किया गया है।
दूसरी ट्रेन वलसाड-दाहोद एक्सप्रेस है, जो वलसाड और दाहोद के बीच रोजाना चलेगी। इसमें 17 कोच होंगे और यह 346 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह वलसाड से सुबह 5:50 बजे रवाना होगी। ट्रेन संख्या 19011 वलसाड से दाहोद तक चलेगी, जबकि ट्रेन संख्या 19012 दाहोद से वलसाड के बीच चलेगी।
वलसाड-दाहोद एक्सप्रेस मार्ग पर 12 स्टेशनों पर रुकेगी। बिलिमोरा जंक्शन, नवसारी, सूरत, अंकलेश्वर जंक्शन, भरूच जंक्शन, मियागाम कर्जन, वडोदरा जंक्शन, समलाया जंक्शन, डेरोल, गोधरा जंक्शन, पिपलोद जंक्शन और लिमखेड़ा। यह सप्ताह के सभी दिनों में चलेगी।
इन ट्रेनों के शुभारंभ का मकसद क्षेत्रीय संपर्क में सुधार करना तथा गुजरात में पर्यटन और दैनिक आवागमन को बढ़ावा देना है।प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को दाहोद में एक लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन करेंगे और एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाएंगे
65 किलोमीटर लंबी महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, जिसकी लागत 537 करोड़ रुपए, 37 किलोमीटर लंबी कलोल-कड़ी-कटोसन रोड रेल लाइन का आमान परिवर्तन, जिसकी लागत 347 करोड़ रुपए और 40 किलोमीटर लंबी बेचाराजी-रानुज रेल लाइन का आमान परिवर्तन, जिसकी लागत 520 करोड़ रुपए हैं।
इन परियोजनाओं के पूरे होने से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, यात्रियों और उद्योगों को बेहतर सुविधा मिलेगी और उत्तर गुजरात की लॉजिस्टिक्स क्षमता में भी सुधार आएगा।
महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन के दोहरीकरण से अब अहमदाबाद से दिल्ली की ओर तेज रफ्तार ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। इससे मालवाहक और यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और यात्रा में समय की बचत होगी। इसके साथ ही फ्रेट ऑपरेशन्स की कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
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