Varanasi: वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर स्थित अरिहंत नगर काॅलोनी में कॉलोनाइजर महेंद्र की हत्या मामले में पुलिस अब तक 2000 कैमरे खंगाल चुकी है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें गठित की गई हैं।
महेंद्र गौतम से मेरी बहन प्रियंका उर्फ गुड़िया की शादी 22 जून 2007 में हुई थी। तब वे यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे परीक्षा में भी बैठे थे। छह साल में दो बार उन्होंने परीक्षा दी थी। दो से तीन बार अटेंप्ट भी क्लियर किए। इसके बाद बात नहीं बनी तो परिवार के समझाने पर खुद का बिजनेस करने की ठानी और प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे यह काम पटरी पर आया तो कॉलोनाइजर बन गए। इस धंधे में भी सिविल सर्विसेज की जानकारी इनके बहुत काम आई। वे बहुत ही व्यावहारिक थे। यही कारण था कि उन्हें आगे बढ़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई। सभी लोग उनका साथ देते थे, क्योंकि वे साफ बात करते थे, जो सबको पसंद आती थी।
यह कहना है कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम के साले पुष्पेंदु गौतम का। महेंद्र की हत्या की सूचना उन्हें गुरुवार को सुबह करीब साढ़े 9 बजे उनकी बहन प्रियंका ने दी थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली से पहली फ्लाइट पकड़ी और बनारस अपनी बहन के घर चले आए। सिंहपुर स्थित आवास पर अपने भाई को देख बहन के साथ भांजा नलिन, भांजी रिदि्धमा और रिम्मी सभी फफक पड़े
दिल्ली के एक बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत पुष्पेंदु ने सभी को ढांढस बंधाया और घटना की पूरी जानकारी महेंद्र के कर्मचारियों से प्राप्त की। उनके पुराने कर्मचारी प्रेमनाथ यादव ने बताया कि क्षेत्र के अरिहंत नगर कॉलोनी फेस दो में 21 अगस्त की सुबह करीब आठ बजे कॉलोनाइजर महेंद्र की बाइक सवार तीन बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी। महेंद्र की लाश को पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब पांच सरायमोहना घाट पर बौद्ध धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गुत्थी सुलझाने में जुटीं कमिश्नरेट पुलिस की 10 टीमें, 2000 कैमरे खंगाले
सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या के बाद बदमाश रिंग रोड से होकर हरहुआ से बड़ागांव और जौनपुर की ओर भागे थे। हत्याकांड को सुलझाने के लिए कमिश्नरेट के दो इंस्पेक्टर सहित पुलिस की 10 टीमें लगाई गई हैं।
सारनाथ में दो कीमती जमीन विवाद को ही मुख्य केंद्र मानकर पुलिस की टीमें तफ्तीश कर रही हैं। 2000 से ज्यादा सीसी कैमरे खंगाले जा चुके हैं। अब कॉलोनाइजर की जमीन खरीद फरोख्त से संबंधित दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। रजिस्ट्री कार्यालय से दसतावेज निकलवाए जा रहे हैं।
सारनाथ की दो जमीन को लेकर दो से तीन व्यक्तियों से कॉलोनाइजर का विवाद सामने आया है। सारनाथ थाना क्षेत्र में रिंग रोड किनारे और सिंहपुर, हिरामनपुर, अकथा आदि गांव में प्लाॅटिंग का काम करने वालों से भी पुलिस की टीमों ने पूछताछ की है। हवेलिया चौराहे पर चाय की दुकान पर जुटने वाले कॉलोनाइजर और दलालों से भी पुलिस ने घटना के संबंध में बातचीत की है।
पुलिस की 10 टीमें लगाई गई हैं। कॉलोनाइजर के सगे संबंधियों से जो जानकारी मिली है उसी हिसाब से कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। रजिस्ट्री कार्यालय से दस्तावेज मांगे गए हैं। – प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा जोन
पुलिस की जांच
एसीपी सारनाथ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर महेंद्र गौतम के हत्या में पुलिस की तीन टीम लगातार दबिश दे रही है। साथ ही मृतक के सहयोगियों व कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ किए जा रहा हैं। क्राइम टीम सहित अन्य जांच दल शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रहे हैं।
महेंद्र के खिलाफ भी कोई मुकदमा पहले नहीं दर्ज किया गया है। इसके साथ ही जिन लोगों के नाम से जमीन सट्टा होता था, उनसे भी पूछताछ की गई है। घर के लोगों के साथ महेंद्र और स्टाफ के कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहा हैं।
प्रॉपर्टी डीलिंग में खून का पहला मामला
क्षेत्र में यह घटना सुर्खियों में है। हर गली-नुक्कड़, चाय-पान की दुकान पर इसी घटना की चर्चाएं चल रही हैं। सारनाथ स्थित सुहेल देव प्रतिमा के पास चाय की दुकानों पर जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों का जमावड़ा लगा रहता है।
यहां चर्चा रही कि सारनाथ क्षेत्र में जमीन से संबंधित हत्या की यह पहली वारदात है। लोग बता रहे थे कि जमीन मामले में गाली-गलौज और लाठी-डंडे चल जाते थे, लेकिन हत्या को पहली बार अंजाम दिया गया। यह मामला वसूली का होगा या फिर किसी ने अपने रास्ते में आ रही रुकावट को सुपारी देकर हटवाया है