रिपोर्ट: रविन्द्र चौधरी
Gorakhpur: शारदीय नवरात्र और विजयदशमी के पर्वों में लगातार चार दिन तक धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आराम को दरकिनार कर जनता की समस्याओं को सुनना अपनी पहली प्राथमिकता बनाई। शुक्रवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में उन्होंने लोगों से मुलाकात की, उनकी शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में हुई मुलाकातें:
गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने जनता दर्शन का आयोजन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से आमने-सामने बातचीत की। वह खुद लोगों के पास पहुंचे और एक-एक करके सभी की समस्याएं जानीं। प्रत्येक प्रार्थना पत्र को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए उन्होंने समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण का निर्देश दिया। लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा गया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
अवैध कब्जेदारों पर सख्त चेतावनी:
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। कमजोर वर्ग को परेशान करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अनिवार्य होगी। यदि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा हो तो संबंधित पक्षों को बैठाकर आपसी संवाद से समाधान निकाला जाए।
राजस्व और पुलिस मामलों में पारदर्शिता:
जमीन-जायदाद या अन्य विवाद जो राजस्व व पुलिस से जुड़े हों, उनके निस्तारण में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी मामले में अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित की समस्या को संवेदनशीलता से देखते हुए उसे राहत दिलाई जानी चाहिए।
सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश:
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी कहा कि जो लोग किसी कारणवश सरकारी योजनाओं से वंचित रह गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द लाभान्वित किया जाए। सरकार का उद्देश्य नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाना है और इसी संकल्प के तहत योजनाओं को हर जरूरतमंद तक पहुंचाना जरूरी है।
इलाज के लिए मिली आर्थिक मदद की गारंटी:
इस दौरान कई लोग आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे, जिनमें इलाज से जुड़े मामले प्रमुख रहे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद को इलाज में पूरा सहयोग देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाज से जुड़े इस्टीमेट की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण कर शासन में उपलब्ध कराई जाए ताकि मरीजों को शीघ्र सहायता मिल सके।
बच्चों को दी प्रेरणा और उपहार:
जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की, उन्हें खूब पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया और चॉकलेट देकर स्नेह व आशीर्वाद प्रदान किया। इससे उपस्थित लोगों में आत्मीयता और विश्वास का वातावरण बना।
संवेदनशील शासन की झलक:
जनता दर्शन का यह आयोजन एक बार फिर यह साबित कर गया कि जनसरोकार ही शासन की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जहां पीड़ितों की समस्याएं संवेदनशीलता के साथ सुनीं, वहीं अधिकारियों को भी स्पष्ट किया कि जनता का विश्वास कायम रखना सर्वोपरि है। बुराई पर अच्छाई की विजय के पर्व के बाद यह संदेश और भी प्रभावी हो उठा कि संवेदनशील और न्यायपूर्ण शासन ही समाज में संतुलन और खुशहाली ला सकता है।