गाजीपुर (Ghazipur) में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन (Varanasi-Gorakhpur Fourlane) पर स्थित मिर्जापुर क्यामपुर टोल प्लाजा (Mirzapur Kyampur Toll Plaza) को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ट्रेलर चालकों और बड़े वाहनों के ड्राइवरों ने आरोप लगाया है कि भारी सामान और मशीनें ले जाने के नाम पर प्रति वाहन 15 हजार से 30 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। इस मामले ने टोल व्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रेलर चालकों के गंभीर आरोप:
चालकों का कहना है कि टोल कर्मियों द्वारा भारी सामान लदे वाहनों को रोककर उनसे मोटी रकम की मांग की जाती है। झारखंड (Jharkhand) निवासी चालक राहुल कुमार यादव (Rahul Kumar Yadav) और विकास यादव (Vikas Yadav) ने आरोप लगाया कि सात अप्रैल को उनके तीन वाहनों को रोका गया और प्रति वाहन 30 हजार रुपये की मांग की गई। पैसा न देने पर उनके वाहनों को चार से पांच घंटे तक रोके रखा गया, जिसके बाद 15 हजार रुपये प्रति वाहन लेने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया गया।
टोल पर सुविधाओं का अभाव:
जहां एक ओर टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर वाहनों से शुल्क वसूला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी सामने आया है। पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और शौचालय होने के बावजूद उसका उपयोग यात्रियों के बजाय टोल कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
धर्मकांटा खराब, व्यवस्था प्रभावित:
टोल प्लाजा के दोनों ओर लगे धर्मकांटे (Weighbridge) पिछले एक वर्ष से खराब पड़े हैं, जिससे वाहनों के वजन की सही जांच नहीं हो पा रही है। यह स्थिति भी सवालों के घेरे में है और इससे टोल संचालन की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।
नकद भुगतान को लेकर विवाद:
चालकों का यह भी आरोप है कि जिन वाहनों में फास्टैग (Fastag) नहीं होता, उनसे क्यूआर कोड (QR Code) के बजाय नकद भुगतान करने को लेकर टोल कर्मी कहासुनी करते हैं। इस व्यवहार से चालकों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही:
मिर्जापुर क्यामपुर टोल प्लाजा (Mirzapur Kyampur Toll Plaza) से प्रतिदिन लगभग सात हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। हाल ही में टोल दरों में भी वृद्धि की गई है, जिसमें चार पहिया वाहनों का शुल्क 120 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये और ट्रेलर का शुल्क 645 रुपये से बढ़ाकर 670 रुपये कर दिया गया है।
एनएचएआई का बयान:
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) के परियोजना निदेशक ललित पाल (Lalit Pal) ने कहा है कि यदि इस प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत सही पाई जाती है, तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक कांटों को जल्द ठीक कराने का आश्वासन भी दिया गया है।
सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल:
टोल के आसपास अवैध पार्किंग की समस्या भी सामने आई है, जिससे सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है। इस पूरे मामले ने टोल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी

