आरजेडी प्रवक्ता कंचना यादव और प्रियंका भारती के खिलाफ FIR, जानें पूरा मामला

नोएडा (Noida) में दो दिन तक चले बवाल के बाद बुधवार को हालात सामान्य होते नजर आए और कई फैक्ट्रियां दोबारा खुल गईं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं, जिससे लोगों को राहत मिली है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और निगरानी:
नोएडा (Noida) के सेक्टर 63, 84, 85, 80 और फेस 2 (Phase 2) में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया गया। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 16 कंपनियां आरएएफ (RAF) और पीएसी (PAC) की लगाई गई हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को तुरंत रोका जा सके।

फैक्ट्रियों में काम शुरू, कुछ में छुट्टी:
कई कंपनियों ने अपने यहां कामकाज शुरू कर दिया है, जबकि कुछ फैक्ट्रियों ने एहतियात के तौर पर छुट्टी घोषित कर दी है। कंपनियों के बाहर सैलरी बढ़ोतरी से जुड़े नोटिस चस्पा किए गए हैं। कुछ स्थानों पर कर्मचारियों को सूचित किया गया है कि कंपनी आज बंद रहेगी और आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी।

सोशल मीडिया पर कार्रवाई, FIR दर्ज:
इस मामले में नोएडा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन (Noida Cyber Crime Police Station) में दो महिला प्रवक्ताओं कंचना यादव (Kanchana Yadav) और प्रियंका भारती (Priyanka Bharti) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो साझा कर माहौल खराब करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की।

उपद्रव पर सख्ती का संदेश:
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई आउटसोर्सिंग एजेंसी या उसका कर्मचारी किसी प्रकार की गड़बड़ी या उपद्रव में शामिल पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

बवाल की वजह और नुकसान:
सोमवार और मंगलवार को सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान 80 से अधिक स्थानों पर पथराव और लगभग 350 कंपनियों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी थी।

मंत्री और उद्योगपतियों के बयान:
मंत्री अनिल राजभर (Anil Rajbhar) ने इस घटना को लेकर कहा कि इसमें किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं कंपनी मालिकों का कहना है कि बाहरी तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, क्योंकि श्रमिक अपने ही रोजगार के साधनों को नुकसान नहीं पहुंचा सकते।

मुकदमे और गिरफ्तारियां:
इस पूरे मामले में 7 थानों में लगभग 1800 लोगों और 4 कथित हैंडलर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 महिलाओं सहित 396 लोगों को गिरफ्तार किया है। आगे भी जांच जारी है और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।


Tags: #Noida #Violence #PoliceAction #LawAndOrder #Industry

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading