गाजीपुर (Ghazipur) में शमशान घाट पर लकड़ी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के नाम पर कथित रूप से हो रही अनियमित वसूली का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे शव यात्रियों से लकड़ी और अन्य सेवाओं के नाम पर अधिक पैसे वसूले जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। यह मामला जब जिलाधिकारी (District Magistrate, Ghazipur) तक पहुंचा तो उन्होंने नगर पालिका गाजीपुर (Municipal Council Ghazipur) को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद नगर पालिका प्रशासन सक्रिय हुआ और शमशान घाट पर व्यवस्था सुधारने की प्रक्रिया शुरू की गई। अब प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी शोकग्रस्त परिवार को अंतिम संस्कार के दौरान अनावश्यक परेशानी या आर्थिक शोषण का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई:
जिलाधिकारी (District Magistrate, Ghazipur) के निर्देश के बाद नगर पालिका गाजीपुर (Municipal Council Ghazipur) के अधिशासी अधिकारी और अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व, Ghazipur) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। निर्देशों में साफ कहा गया कि शमशान घाट पर होने वाली सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाई जाए और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए। प्रशासन का ध्यान इस बात पर रहा कि अंतिम संस्कार के दौरान आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
शमशान घाट पर बैठक और निरीक्षण:
इस समस्या के समाधान के लिए शमशान घाट पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में लकड़ी विक्रेता, डोम राजा और स्थानीय लोगों को शामिल किया गया। नगर पालिका के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का निरीक्षण किया और सभी पक्षों से विस्तृत बातचीत की। बैठक का उद्देश्य मौजूदा समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए एक ठोस रूपरेखा तैयार करना था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था में सुधार प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
लकड़ी विक्रेताओं और डोम राजा से चर्चा:
बैठक के दौरान लकड़ी विक्रेताओं और डोम राजा के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इसमें लकड़ी के मूल्य निर्धारण, अंतिम संस्कार के समय दी जाने वाली सेवाओं और उनसे जुड़ी समस्याओं पर विचार किया गया। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में किसी भी तरह की मनमानी वसूली पूरी तरह से गलत है। सभी पक्षों को मिलकर एक निर्धारित दर प्रणाली बनाने पर सहमति की दिशा में चर्चा आगे बढ़ी।
समिति गठन और दर निर्धारण की योजना:
नगर पालिका प्रशासन ने सुझाव दिया कि शमशान घाट के संचालन के लिए एक समिति बनाई जाए। इस समिति का उद्देश्य लकड़ी और अन्य सेवाओं के लिए एक निश्चित दर तय करना और व्यवस्था को पारदर्शी बनाना होगा। साथ ही मृतक का रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू करने पर भी विचार किया गया है ताकि सभी प्रक्रियाएं रिकॉर्ड में रहें। अधिकारियों ने कहा कि इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की शिकायत की संभावना कम होगी और व्यवस्था अधिक सुचारू रूप से चलेगी।
जनपदों से आने वाले यात्रियों की समस्या:
गाजीपुर (Ghazipur) के शमशान घाट पर केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि मऊ और आजमगढ़ जैसे पड़ोसी जनपदों से भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में शव यात्री पहुंचते हैं। लंबे समय से इन यात्रियों को व्यवस्थागत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, जिसमें अनियमित शुल्क और असुविधाएं प्रमुख थीं। प्रशासन का मानना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ऐसे समय में परिवार पहले से ही गहरे दुख में होता है।
आगामी बैठक और राहत की उम्मीद:
प्रशासन ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए आगामी शनिवार को एक और बैठक निर्धारित की है। इस बैठक में समिति गठन, दर निर्धारण और अन्य सुधारात्मक उपायों पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह से सहयोग कर रहा है और जल्द ही एक व्यवस्थित प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे शमशान घाट पर आने वाले शव यात्रियों को राहत मिल सकेगी।
Disclaimer:
“यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।”
#tag: #Ghazipur #ShamshanGhat #Administration #MunicipalCouncil #DMOrder
रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी

