सुवेंदु ने शाह के पैर छुए और सब बदल गया:बंगाल में 3 सीटों वाली बीजेपी 207 पहुंची; ममता के बागी और भावी सीएम सुवेंदु की कहानी

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में साल 2020 का अंत बड़ा सियासी मोड़ लेकर आया था। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बड़े नेता और परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। उस समय इसे ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) सरकार के लिए बड़ा झटका माना गया था। चुनाव से पहले हुई इस सियासी उठापटक ने पूरे बंगाल (West Bengal) की राजनीति का रुख बदल दिया।

27 नवंबर 2020 को सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हलचल तेज हो गई थी। विधानसभा चुनाव करीब होने की वजह से पार्टी नेतृत्व ने स्थिति संभालने की कोशिश शुरू की। सुवेंदु अधिकारी को मनाने के लिए कई दौर की बातचीत भी हुई।

कोलकाता में हुई अहम बैठक:
1 दिसंबर 2020 की रात को कोलकाता (Kolkata) में एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari), अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee), सौगत रॉय (Saugata Roy) और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) शामिल हुए थे। घंटों चली बातचीत के बाद अगले दिन सौगत रॉय ने कहा था कि सब कुछ ठीक हो गया है और सुवेंदु पार्टी के साथ बने रहेंगे।

हालांकि कुछ ही दिनों बाद हालात फिर बदल गए। सुवेंदु अधिकारी द्वारा भेजा गया एक संदेश राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। इसमें उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि उनकी बात को ठीक से नहीं सुना गया और अब साथ चलना संभव नहीं है।

टीएमसी से अलग होने के संकेत:
इसी दौरान मेदिनीपुर (Medinipur) में सुवेंदु अधिकारी के कार्यालय से ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के पोस्टर हटने लगे और राजनीतिक माहौल तेजी से बदलने लगा। 17 दिसंबर 2020 को सुवेंदु अधिकारी ने आधिकारिक रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होने का फैसला कर लिया। इसके अगले दिन उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं।

अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल:
19 दिसंबर 2020 को मेदिनीपुर (Medinipur) में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए। इस दौरान अमित शाह ने उन्हें पार्टी का गमछा पहनाया और दोनों नेताओं ने मंच से कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। इसके बाद बंगाल (West Bengal) की राजनीति में भाजपा (BJP) की सक्रियता और बढ़ गई।

बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव:
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के भाजपा (BJP) में जाने के बाद पार्टी ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) में अपनी स्थिति मजबूत की। 2021 के चुनाव में भाजपा की सीटों में बड़ा इजाफा देखने को मिला और बाद के चुनावों में भी पार्टी की राजनीतिक ताकत लगातार बढ़ती रही। अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले समय में भाजपा (BJP) बंगाल (West Bengal) में नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।

सियासी बयानबाजी भी रही तेज:
सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़ने और भाजपा (BJP) में शामिल होने के बाद बंगाल (West Bengal) की राजनीति में बयानबाजी का दौर भी लगातार तेज रहा। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा और बंगाल की राजनीति राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बनी रही।

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