रिपोर्टर: हसीन अंसारी
गाजीपुर (Ghazipur) जनपद से सामने आए एक गंभीर आपराधिक मामले में अदालत ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के दोषी आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। वर्ष 2018 में दर्ज इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पॉक्सो स्पेशल कोर्ट (POCSO Special Court) ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया है। इस फैसले को बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
वर्ष 2018 का शादियाबाद थाना क्षेत्र का मामला:
यह पूरा मामला शादियाबाद थाना क्षेत्र (Shadiyabad Police Station Area) से जुड़ा है, जहां वर्ष 2018 में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। आरोप के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान साक्ष्य संकलित किए गए और आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
पॉक्सो स्पेशल कोर्ट में चला मुकदमा:
मामले की सुनवाई गाजीपुर (Ghazipur) स्थित पॉक्सो स्पेशल कोर्ट (POCSO Special Court) में हुई। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि नाबालिग के साथ किया गया अपराध गंभीर श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जा सके।
दस वर्ष कठोर कारावास और जुर्माना:
अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्ती से निपटना आवश्यक है, जिससे पीड़ित को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
पीड़ित पक्ष को मिला न्याय का भरोसा:
इस फैसले के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने का भरोसा मजबूत हुआ है। लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस निर्णय को महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। अदालत का यह निर्णय यह दर्शाता है कि कानून के तहत नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
कानून व्यवस्था और सामाजिक संदेश:
गाजीपुर (Ghazipur) में आए इस फैसले से यह संदेश गया है कि नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून के दायरे में रहते हुए ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है। इस निर्णय से समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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