गाजीपुर में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़, गोली लगने से बादल यादव घायल
ABT >> उत्तर प्रदेश>>टॉप न्यूज़>>स्थानीय>>Ghazipur>> गाजीपुर में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़, गोली लगने से बादल यादव घायल
- Posted on
- by News Desk
- 0
- 6:18 pm
गाजीपुर में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़, गोली लगने से बादल यादव घायल
रिपोर्ट: हसीन अंसारी
Ghazipur: गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र में सोमवार को पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहे अभियुक्त बादल यादव के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद भेजा। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके पास से एक .315 बोर का तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद किए।
तमंचा और कारतूस की बरामदगी
पुलिस पूछताछ में बादल यादव ने पहले ही मुकदमे में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस छिपाने का स्थान बताया था। जब पुलिस टीम बरामदगी के लिए गई, तो उसी दौरान उसने अचानक पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें बादल यादव घायल हो गया।
रंगदारी के मुकदमे से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला कासिमाबाद थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 365/25 से जुड़ा है। इस मुकदमे में जिलाजीत उर्फ दिव्यांशु और बादल यादव मुख्य अभियुक्त हैं। मामला रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने से संबंधित है। दोनों को पुलिस ने इससे पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
शिकायतकर्ता की आपबीती
शिकायतकर्ता प्रदीप यादव पुत्र रामनगीना यादव निवासी शाहबाजपुर ने 28 सितंबर 2025 को पुलिस को दी गई सूचना में आरोप लगाया था कि दिव्यांशु उर्फ जिलाजीत ने उसकी जेसीबी देखकर उससे 28,000 रुपये की रंगदारी ली थी। इसके बाद लगातार उससे रंगदारी की मांग की जा रही थी और धमकियां भी दी जा रही थीं।
कनपटी पर पिस्टल रखकर मांगे थे एक लाख रुपये
27 सितंबर की रात प्रदीप यादव घर लौट रहे थे। इसी दौरान दिव्यांशु, बादल यादव, सोनू यादव उर्फ परमवीर, अजीत गोंड, रुदिल यादव और निखिल यादव ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि इन लोगों ने पिस्टल कनपटी पर सटाकर प्रदीप से एक लाख रुपये की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद प्रदीप ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस की सक्रियता और गिरफ्तारी
घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और रंगदारी की वारदात को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। दोनों मुख्य अभियुक्त, जिलाजीत और बादल यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। बादल यादव के साथ हुई मुठभेड़ उसी मामले की बरामदगी और जांच का हिस्सा रही।
आपराधिक इतिहास में दर्ज कई मामले
पुलिस की मानें तो जिलाजीत उर्फ दिव्यांशु और बादल यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों पर पहले से ही कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। लगातार रंगदारी, धमकी और दबंगई जैसे अपराधों में शामिल रहने की वजह से इन दोनों का नाम क्षेत्र में अपराधियों की सूची में प्रमुखता से आता रहा है।
Related
Related Post
- April 15, 2026
- by News Desk
- 0
- 5:57 pm
कासगंज: खेत में अर्द्धजली अवस्था में मिला अज्ञात अधेड़ व्यक्ति का शव
कासगंज (Kasganj) जनपद के सहावर थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब खितौली…
- April 5, 2026
- by News Desk
- 0
- 11:41 am