Ghazipur: यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने शुक्रवार को पुलिस लाठीचार्ज में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से मृतक परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। अजय राय ने कहा कि यह घटना केवल बर्बरता ही नहीं, बल्कि हत्या का मामला है, इसलिए दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के स्वागत में सभी बड़े नेता व्यस्त रहे, लेकिन अपने ही कार्यकर्ता की मौत पर किसी ने परिवार की सुध नहीं ली।
अजय राय ने आरोप लगाया कि सियाराम उपाध्याय दिव्यांग और बेहद गरीब परिवार से थे। पुलिस ने उन्हें थाने में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और बुरी तरह जख्मी कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार हिटलरशाही ढंग से काम कर रही है और आम जनता से लेकर कार्यकर्ता तक सुरक्षित नहीं हैं। लाठीचार्ज का वीडियो दिखाते हुए राय ने कहा कि जब प्रमाण मौजूद हैं, तो जांच का बहाना बनाकर केवल खानापूर्ति की जा रही है। कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है।
गौरतलब है कि थाना नोनहरा क्षेत्र के रुकंदीपुर गांव में 9 सितंबर को बिजली का खंभा लगाने को लेकर प्रधान और पूर्व प्रधान पक्ष के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान थाने पर धरना देने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं पर अचानक लाइट बंद कर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आरोप है कि इसी दौरान दिव्यांग कार्यकर्ता सियाराम भाग नहीं पाए और जमीन पर गिर पड़े। गंभीर चोटों के चलते उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई। उनके शरीर पर चोट और पिटाई के स्पष्ट निशान पाए गए। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और कांग्रेस पार्टी ने परिवार को हर संभव समर्थन देने का ऐलान किया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे मृतक कार्यकर्ता के घर, मुआवजे और न्याय की मांग