रिपोर्ट: जफर इकबाल
जमानियां (Ghazipur)। तहसील सेवराई बार एसोसिएशन (Bar Association) में उस समय माहौल गर्म हो गया जब संगठन के पूर्व अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) के खिलाफ गहमर थाना (Gahmar Thana) में मुकदमा दर्ज किया गया। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और न्याय की मांग को लेकर तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। दोपहर बाद उपजिलाधिकारी (SDM) ज्योति चौरसिया (Jyoti Chaurasia) के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त किया।
बार भवन में हुई अहम बैठक:
धरने से पहले बार एसोसिएशन (Bar Association) की बैठक बार भवन में आयोजित की गई, जिसमें संगठन के सभी अधिवक्ता मौजूद रहे। बैठक में आठ और दस अक्टूबर के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि एसोसिएशन द्वारा पारित प्रस्तावों पर शासन-प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे अधिवक्ताओं में भारी रोष है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि न्याय मिलने तक अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे और तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे।
न्याय की मांग पर अड़े अधिवक्ता:
एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह (Ashok Singh) ने कहा कि अधिवक्ताओं का यह आंदोलन हर कार्य दिवस पर जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिवक्ता अजय कुमार राय (Ajay Kumar Rai) के प्रार्थना पत्र पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो अधिवक्ता आंदोलन को तेज करेंगे। उन्होंने बताया कि आगे ध्वनि विस्तारक यंत्र से धरना प्रदर्शन, राज्य सरकार (State Government) का पुतला दहन और सड़क जाम जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
पीड़ित अधिवक्ता ने पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप:
पीड़ित अधिवक्ता अजय राय (Ajay Rai) ने कहा कि टुनटुन राजभर बनाम नायाब तहसीलदार दिलदारनगर (Tuntun Rajbhar vs Nayab Tehsildar Dildarnagar) का मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय (High Court) में विचाराधीन है। उनका आरोप है कि प्रशासन पुलिस के दम पर दबाव बना रहा है और उनके क्लाइंट पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भी विपक्षियों की तहरीर पर गलत तरीके से फर्जी मुकदमा लिखा गया, जो न्याय के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि फर्जी मुकदमा समाप्त कर उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जाए, अन्यथा वह न्याय के लिए आंदोलन को और व्यापक करेंगे।
अधिवक्ताओं की एकजुटता ने बढ़ाया हौसला:
धरना स्थल पर मौजूद अधिवक्ताओं ने अजय राय के समर्थन में एकजुटता दिखाई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उनका कहना था कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान अधिवक्ता समुदाय ने कहा कि किसी भी साथी अधिवक्ता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में मौजूद रहे अधिवक्ता:
इस मौके पर सचिव अमरनाथ राम (Amarnath Ram), उपाध्यक्ष सुनील कुमार (Sunil Kumar), कमलकांत राय (Kamlakant Rai), उदय नारायण सिंह (Uday Narayan Singh), मेराज हसन (Meraj Hasan), फैसल होदा (Faisal Hoda), मुनेश सिंह (Munesh Singh), अरविंद कुमार (Arvind Kumar), पंकज तिवारी (Pankaj Tiwari), दिग्विजय नाथ तिवारी (Digvijay Nath Tiwari), मिथिलेश सिंह (Mithilesh Singh), शशि भूषण राय (Shashi Bhushan Rai), रवि प्रकाश (Ravi Prakash), बृजेश कुशवाहा (Brijesh Kushwaha), घनश्याम कुशवाहा (Ghanshyam Kushwaha), संजय यादव (Sanjay Yadav), रमेश यादव (Ramesh Yadav), आजाद खान (Azad Khan), रामरतन जायसवाल (Ramratan Jaiswal) सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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