रिपोर्टर: अनुज कुमार
लखनऊ (Lucknow) में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जाने वाली आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। समाज में सौहार्द बनाए रखने और धार्मिक व जातिगत भावनाओं को आहत करने वाले कंटेंट के खिलाफ अपनाई जा रही जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस फिल्म के निर्देशक और टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई राजधानी के थाना हजरतगंज में की गई, जहां फिल्म के नाम और प्रचार सामग्री को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत हुई कार्रवाई:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) द्वारा समाज में शांति, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में पुलिस ने यह कदम उठाया। पुलिस का कहना है कि किसी भी माध्यम से यदि समाज में वैमनस्य फैलाने या किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिल्म के कंटेंट पर उठे गंभीर सवाल:
थाना हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर प्रचारित हो रही फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ और उससे जुड़े सोशल मीडिया कंटेंट का संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच में फिल्म का शीर्षक और प्रचार सामग्री आपत्तिजनक पाई गई। पुलिस के अनुसार फिल्म का नाम एक विशेष समुदाय और जाति को लक्षित करता प्रतीत होता है, जिससे उस वर्ग की सामाजिक छवि को ठेस पहुंचने की आशंका है।
जातिगत भावनाएं आहत करने का आरोप:
एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि फिल्म का शीर्षक और उसके संवाद जातिगत अपमान की श्रेणी में आते हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह के नामकरण और संवादों से समाज में गलत संदेश जाता है। सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़े अंश साझा होने के बाद विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिससे विवाद और गहराता चला गया।
ब्राह्मण समाज और संगठनों में आक्रोश:
फिल्म के नाम और कथित कंटेंट को लेकर ब्राह्मण समाज और कई सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। कुछ संगठनों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी भी दी। पुलिस के अनुसार यदि समय रहते कार्रवाई न की जाती, तो इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता था।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर:
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला समाज में वैमनस्य फैलाने और शांति व्यवस्था को भंग करने की मंशा से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। इस तरह की सामग्री से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंच सकता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी कारण से पुलिस ने संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए त्वरित कार्रवाई की।
कानूनी धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर:
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर थाना हजरतगंज पुलिस ने फिल्म के निर्देशक और उनकी टीम के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत विवेचना की जा रही है और जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, प्रचार सामग्री और कानून के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ओटीटी कंटेंट पर निगरानी जारी:
पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले कंटेंट पर निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई भी सामग्री सामाजिक सौहार्द, धार्मिक या जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को भी उसी नीति के तहत देखा जा रहा है।
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