रिपोर्टर: हसीन अंसारी
गाजीपुर (Ghazipur) के विकास भवन (Vikas Bhawan) में किसान दिवस का आयोजन किया गया, जहां जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रशासन के सामने रखीं। यह आयोजन किसानों की समस्याओं को सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया, ताकि समाधान की प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया जा सके। बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि खेती से जुड़े मुद्दे आज भी किसानों के लिए कितने महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
किसानों की समस्याओं पर केंद्रित आयोजन:
किसान दिवस के दौरान किसानों ने अपनी-अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऐसा मंच देना रहा, जहां वे बिना किसी झिझक के अपनी बात कह सकें। किसानों ने बताया कि सिंचाई और बिजली से जुड़ी परेशानियां लंबे समय से बनी हुई हैं, जिनका समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा धान क्रय केंद्रों से संबंधित दिक्कतों और बाजरे के बीज की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए गए।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी:
इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिससे किसानों की शिकायतों को सीधे सुना जा सका। अधिकारियों ने किसानों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों से जुड़े मामलों को नोट किया। किसान दिवस का यह स्वरूप इसलिए भी अहम माना जाता है क्योंकि इसमें अलग-अलग विभाग एक ही मंच पर उपस्थित रहते हैं।
सिंचाई और बिजली से जुड़ी शिकायतें प्रमुख:
कार्यक्रम के दौरान सामने आई शिकायतों में सबसे अधिक संख्या सिंचाई और बिजली विभाग से जुड़ी रही। किसानों का कहना था कि समय पर बिजली आपूर्ति न मिलने और सिंचाई की व्यवस्था दुरुस्त न होने से फसलों पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों ने यह भी बताया कि इन समस्याओं के कारण खेती की लागत बढ़ जाती है और उत्पादन प्रभावित होता है।
धान क्रय केंद्र और बीज उपलब्धता पर सवाल:
किसानों ने धान क्रय केंद्रों से जुड़ी दिक्कतों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि कई बार केंद्रों पर समय पर खरीद नहीं हो पाती, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। इसके साथ ही बाजरे के बीज की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई गई। किसानों ने मांग की कि बीज समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाएं।
जिलाधिकारी ने दिए समाधान के निर्देश:
कार्यक्रम में मौजूद जिलाधिकारी (District Magistrate) ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई और बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान ब्लॉक स्तर और तहसील स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उनका समाधान सुनिश्चित करना है।
हर महीने आयोजित होता है किसान दिवस:
बताया गया कि प्रत्येक महीने के तीसरे शनिवार को किसान दिवस का आयोजन किया जाता है। इस नियमित आयोजन से किसानों को यह भरोसा मिलता है कि उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी और उन पर कार्रवाई होगी। किसान संगठनों से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में किसान इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे आयोजन की सार्थकता और बढ़ गई।
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