गाजीपुर: शहीद महेश कुशवाहा स्मृति द्वार का शिलापट्ट टूटने पर बोले विजय मिश्र, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
गाजीपुर (Ghazipur) जनपद के जैतपुरा क्षेत्र (Jaitpura Area) में सीआरपीएफ (CRPF) के वीर शहीद महेश कुशवाहा (Mahesh Kushwaha) की स्मृति में स्थापित प्रवेश द्वार पर लगे शिलापट्ट को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर पूर्व मंत्री विजय मिश्र (Vijay Mishra) ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, पीड़ादायक और निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शिलापट्ट या प्रवेश द्वार का मामला नहीं है, बल्कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के सम्मान से जुड़ा विषय है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि शहीदों की स्मृति और सम्मान से जुड़े प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं समाज की भावनाओं को आहत करती हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शहीदों का सम्मान सर्वोपरि बताया:
विजय मिश्र (Vijay Mishra) ने कहा कि शहीद महेश कुशवाहा (Mahesh Kushwaha) ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया था। ऐसे वीर सपूतों की स्मृति को संरक्षित रखना समाज और राष्ट्र का दायित्व है। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान किसी राजनीतिक दल, जाति, वर्ग या विचारधारा से ऊपर होता है।
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों के प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है और किसी भी परिस्थिति में उनकी गरिमा के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सैनिक समाज और संत समाज में रोष:
पूर्व मंत्री के अनुसार, इस घटना के बाद बड़ी संख्या में सैनिक समाज, भूतपूर्व सैनिकों और संत समाज के लोगों ने उनसे मुलाकात की और अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि लोगों ने इस घटना को लेकर गहरा दुख और नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि शहीदों के सम्मान से जुड़े प्रतीकों को क्षति पहुंचाने की घटनाएं केवल एक समुदाय नहीं बल्कि पूरे समाज की भावनाओं को प्रभावित करती हैं। इसी कारण इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
दोषियों पर कार्रवाई की उठी मांग:
विजय मिश्र (Vijay Mishra) ने कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रशासन को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और जो भी व्यक्ति इस घटना के लिए जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में शहीदों की स्मृतियों और सम्मान से जुड़े स्थलों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो।
प्रभारी मंत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी लिया संज्ञान:
पूर्व मंत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी मंत्री रविन्द्र जायसवाल (Ravindra Jaiswal) तथा भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय (Om Prakash Rai) ने भी अधिकारियों से वार्ता की है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और प्रवेश द्वार पर पुनः शिलापट्ट स्थापित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्थानीय लोगों और शहीद के सम्मान से जुड़े लोगों में न्याय की उम्मीद जगी है।
शिलापट्ट पुनः लगाए जाने की कही बात:
विजय मिश्र (Vijay Mishra) ने स्पष्ट कहा कि यदि वीर शहीद महेश कुशवाहा (Mahesh Kushwaha) के सम्मान में प्रवेश द्वार पर शिलापट्ट पुनः स्थापित नहीं किया जाता है, तो वे स्वयं वहां उपस्थित होकर शिलापट्ट लगाने का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इस विषय पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
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