दावा- एपस्टीन-अंबानी के बीच लंबे समय तक होती रही बातचीत: यौन अपराधी ने खुद को ट्रम्प प्रशासन का इनसाइडर बताया

अमेरिका के चर्चित यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) ने वर्ष 2017 में उद्योगपति अनिल अंबानी (Anil Ambani) के सामने खुद को डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) के पहले कार्यकाल के व्हाइट हाउस (White House) का ‘इनसाइडर’ बताकर पेश किया था। एक रिपोर्ट के अनुसार दोनों के बीच करीब दो वर्षों तक सैकड़ों मैसेज और ईमेल का आदान-प्रदान हुआ, जिनमें कई संवेदनशील विषयों पर बातचीत सामने आई।

इनसाइड जानकारी का दावा और संवाद:
रिपोर्ट के मुताबिक, जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) ने अनिल अंबानी (Anil Ambani) के साथ हुई बातचीत में ट्रम्प प्रशासन की नियुक्तियों और विदेश नीति से जुड़ी जानकारियां साझा की थीं। इन जानकारियों में से कुछ बाद में सही भी साबित हुईं। हालांकि, इस बात के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले कि एपस्टीन की व्हाइट हाउस (White House) तक सीधी पहुंच थी। मैसेज में अनिल अंबानी ने भारत के संबंधों और रक्षा सहयोग के लिए व्हाइट हाउस से बातचीत में मार्गदर्शन की बात कही थी, जिस पर एपस्टीन ने अंदरूनी जानकारी देने का आश्वासन दिया।

एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर होती थी बातचीत:
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच बातचीत सिग्नल (Signal) और टेलीग्राम (Telegram) जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर होती थी। इन प्लेटफॉर्म्स पर अनिल अंबानी (Anil Ambani) ‘अरमानी ए’ नाम से सक्रिय बताए गए। यह संवाद उस समय का है जब जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) नाबालिगों से जुड़े मामलों में सजा काट चुका था।

परिचय और वैश्विक नेटवर्किंग के प्रयास:
दोनों के बीच संपर्क दुबई की कंपनी डीपी वर्ल्ड (DP World) के चेयरमैन सुल्तान अहमद बिन सुलायेम (Sultan Ahmed bin Sulayem) के माध्यम से हुआ था। एपस्टीन ने जब दीपक चोपड़ा (Deepak Chopra) से अंबानी के बारे में राय ली, तो उन्हें एक अत्यंत समृद्ध और प्रभावशाली व्यक्ति बताया गया। संदेशों से यह संकेत भी मिलता है कि अनिल अंबानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में प्रयासरत थे।

अमेरिकी नियुक्तियों पर एपस्टीन की भविष्यवाणी:
मार्च 2017 में अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने पूर्व सीआईए डायरेक्टर डेविड पेट्रेयस (David Petraeus) के भारत में अमेरिकी राजदूत बनने की संभावना को लेकर सवाल किया था, जिस पर एपस्टीन ने इसे प्राथमिकता में नहीं बताया। बाद में केनेथ जस्टर (Kenneth Juster) को यह पद मिला। इसी तरह, जुलाई 2017 में एपस्टीन ने जॉन बोल्टन (John Bolton) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने की संभावना जताई, जो कुछ महीनों बाद सही साबित हुई।

प्रभावशाली हस्तियों से मिलाने का प्रस्ताव:
एपस्टीन ने अनिल अंबानी (Anil Ambani) को ट्रम्प के करीबी माने जाने वाले स्टीफन बैनन (Stephen Bannon) और थॉमस बैरक जूनियर (Thomas Barrack Jr.) से मिलवाने की बात भी कही थी। उस समय बैरक ट्रम्प की इनॉगरेशन कमेटी के अध्यक्ष थे। दूसरी ओर, अनिल अंबानी ने खुद को भारत में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली बताते हुए जेरेड कुश्नर (Jared Kushner) और बैनन से मुलाकात कराने में सहायता की अपेक्षा जताई थी।

रक्षा सौदे और रुचि के कारण:
रिपोर्ट के अनुसार, अनिल अंबानी (Anil Ambani) की अमेरिकी रक्षा नीति में दिलचस्पी का एक कारण 2016 में राफेल से जुड़े पार्ट्स की डील भी बताई गई। उस समय इस सौदे को लेकर कुछ आरोप भी लगे थे, जिन्हें सरकार द्वारा खारिज किया गया था। अंबानी ने यह भी कहा था कि भारत के लिए अमेरिकी राजदूत का चयन उनके लिए महत्वपूर्ण है और वे इस पद पर एक मजबूत व्यक्ति की नियुक्ति चाहते थे।

नेटवर्किंग और मुलाकातों का सिलसिला:
संदेशों से यह भी स्पष्ट हुआ कि एपस्टीन ने अनिल अंबानी (Anil Ambani) को अपने घर पर डिनर के लिए आमंत्रित किया और उन्हें कार्नेगी एंडोमेंट (Carnegie Endowment) के विलियम जे. बर्न्स (William J. Burns) तथा थॉमस जे. प्रिट्जकर (Thomas J. Pritzker) जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों से मिलवाने का प्रस्ताव दिया। अंबानी ने खुद को अटलांटिक काउंसिल (Atlantic Council) के एडवाइजरी बोर्ड में एकमात्र भारतीय सदस्य के रूप में प्रस्तुत किया।

आर्थिक संकट के दौरान संपर्क और लेनदेन का जिक्र:
वर्ष 2019 में जब अनिल अंबानी (Anil Ambani) की कंपनियां आर्थिक संकट में थीं और उन्हें कर्ज चुकाने के लिए मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की मदद लेनी पड़ी, तब भी एपस्टीन उनके संपर्क में था और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दे रहा था। हालांकि, एक ईमेल में ‘ट्रांजैक्शन डन’ का जिक्र भी सामने आया, जबकि एपस्टीन ने पैसों की जरूरत से इनकार किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 23 मई 2019 को चुनावी नतीजों के दिन अनिल अंबानी न्यूयॉर्क (New York) में एपस्टीन के घर गए थे, जिसके कुछ ही समय बाद एपस्टीन को नाबालिगों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


#epstein #ambani #trump #whitehouse #globalpolitics #report

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading