लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध धर्मांतरण के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ़ छांगुर की करीबी सहयोगी नीतू उर्फ़ नसरीन की करोड़ों की संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत बलरामपुर जिले के उतरौला स्थित 13.02 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को सोमवार को जब्त कर लिया।
ईडी की जांच में सामने आया कि छांगुर और उसके साथियों ने धर्मांतरण के नाम पर अवैध आर्थिक गतिविधियों को अंजाम दिया। यूपी एटीएस की एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि छांगुर ने बलरामपुर के चांद औलिया दरगाह परिसर से नेटवर्क बनाकर कमजोर वर्ग और खासकर अनुसूचित जातियों तथा हिंदू धर्म से जुड़े लोगों को निशाना बनाया। इन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर विदेशी धन का दुरुपयोग किया गया।
ईडी के अनुसार, विदेशी फंडिंग के तहत बड़ी रकम भारत लाई गई। इसमें 21.08 करोड़ रुपये को नवीण रोहरा के एनआरआई/एनआरओ खातों से भारत भेजा गया। बाद में इस धन का उपयोग बलरामपुर की उतरौला तहसील में नवीण की पत्नी नीतू उर्फ़ नसरीन के नाम पर कई आलीशान संपत्तियां खरीदने में किया गया।
ईडी की पड़ताल में यह भी सामने आया कि यह धन धार्मिक गतिविधियों के आड़ में कथित धर्मांतरण और अवैध संपत्ति अर्जन में लगाया गया। इसी आधार पर ईडी ने कार्रवाई करते हुए नीतू की 13 करोड़ की संपत्तियों को अटैच कर लिया। ईडी का कहना है कि छांगुर और उसके नेटवर्क की अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई प्रदेश में अवैध धर्मांतरण और हवाला नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।
छांगुर की सहयोगी नीतू की 13 करोड़ की संपत्तियां जब्त…
