धार्मिक स्थलों पर व्यापार और व्यापार को लेकर संघर्ष अपरमपार। इसी संघर्ष को लेकर व्यापारियों की केवल पुलिस से नहीं श्रद्धालुओं से झड़प की कई खबरें देश के अलग अलग स्थानों से आ ही जाती हैं। लेकिन इस बार ख़बर रामजन्मभूमि अयोध्या धाम से आई है। जहाँ शुक्रवार को प्रसाद व्यापारियों और पुलिस की झड़प हो गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने व्यापारियों को पीट दिया। इसमें एक व्यापारी का सिर फट गया। गुस्साए व्यापारी बाजार बंद हनुमानगढ़ी मंदिर के गेट पर बैठ गए। यदि आरोप सही है तो अयोध्या के पवित्र धाम पुलिस का इतना गुस्सा उचित नहीं है, सयम से समाधान होता है। कम से कम वरिष्ठ अधिकारीयों को तो ये बात समझनी चाहिए क्योंकि व्यापारियों का आरोप कि CO की पिटाई से सिर फटा है। इस घटना के बाद अफसर मौके पर पहुंच गए और व्यापारियों को समझाने में जुटे गये। व्यापारियों का कहना है- पुलिस उन्हें प्रसाद बेचने से रोक रही थी। विरोध करने पीट दिया। हालांकि, पुलिस ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि व्यापारी भीड़ के बीच घुसकर प्रसाद बेच रहे थे। मना करने पर झगड़ा करने लगे।

क्या आपने कभी किसी धार्मिक स्थल पर प्रसाद बेचने वाले व्यापारियों को भीड़ में घुस कर प्रसाद बेचते देखा है? क्या आक्भी किसी के साथ दुर्व्यवहार करते देखा है? खैर ताली एक हाथ से बजती नहीं शायद इसीलिए यहाँ डंडा बज गया होगा? अब अयोध्या उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष नंदकुमार गुप्ता नंदू ने कहा है कि हनुमानगढ़ी के दर्शनार्थियों की लाइन में व्यापारी प्रसाद और पानी बेच रहे थे, तभी अचानक सीओ फोर्स के साथ आए। उन्होंने व्यापारियों को प्रसाद बेचने से मना किया। मारपीट करने लगे। इसमें व्यापारी का सिर भी फट गया। विरोध में व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दी।
वहीँ पुलिस का तर्क है कि अयोध्या में रोज भक्तों की भीड़ बढ़ रही है। भोर से ही लोग स्नान कर मंदिरों में दर्शन पूजन कर रहे हैं। हनुमानगढ़ पर भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाइन की व्यवस्था कर रखी है, लेकिन व्यापारी भीड़ में घुसकर प्रसाद बेच रहे थे। इससे भीड़ को नियंत्रित करने में दिक्कत आ रही थी।
व्यापारियों का प्रशासन के लिए नाराजगी का ये पहला मामला नहीं है पिछले वर्ष 2024 के अप्रैल महीने की 6 तारीख को भी ऐसी ख़बर सामने आई थी जब हनुमानगढ़ी में पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाकर व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी थी, बताया जा रहा है कि उस वक़्त हनुमानगढ़ी में रेलिंग लगाए जाने का विरोध होई रहा था, नई व्यवस्था से व्यापारियों का नुकसान हो रहा था और श्रद्धालु भी भीषण गर्मी में परेशान हो रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन के नए हब के रूप में अपनी पहचान बनाई है। यूपी आज दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। बीते वर्ष लगभग 65 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया, जिससे यह देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है। योगी सरकार ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए कई योजनाओं को लागू किया है, जिससे प्रदेश में रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिली है। लेकिन इस बिच ऐसे खबरें भी कई सवाल खड़े करती हैं।


