ग्रामीण कौशल्य योजना में सब्सिडी के लिए 29.50 करोड़ मंजूर
लखनऊ (Lucknow) में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सब्सिडी मद में 29 करोड़ 50 लाख 42 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश शासन ग्राम्य विकास विभाग की ओर से इस धनराशि को अवमुक्त कर आयुक्त, ग्राम्य विकास के निवर्तन पर रखे जाने और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार व्यय किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में आवश्यक शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
केंद्रांश और राज्यांश से स्वीकृत हुई धनराशि:
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के तहत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मदर सेक्शन के सापेक्ष अनुदान संख्या-13 की धनराशि निर्धारित की गई है। अनुदान संख्या-13 सामान्य मद के मानक मद-27 के तहत सब्सिडी के लिए केंद्रांश की मदर सैंक्शन धनराशि 1770.25 लाख रुपये स्वीकृत है।
इसके सापेक्ष राज्यांश के रूप में 1180.17 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। केंद्रांश और राज्यांश को मिलाकर कुल 2950.42 लाख रुपये यानी 29 करोड़ 50 लाख 42 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
ग्राम्य विकास विभाग ने जारी किया शासनादेश:
उत्तर प्रदेश शासन ग्राम्य विकास विभाग की ओर से स्वीकृत धनराशि को अवमुक्त कर आयुक्त, ग्राम्य विकास के निवर्तन पर रखे जाने और योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार खर्च किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। इस संबंध में आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है।
शासनादेश के तहत धनराशि के आहरण और व्यय को योजना से संबंधित गाइडलाइन, दिशा-निर्देश तथा समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
एकमुश्त नहीं, चरणों में होगा धनराशि का आहरण:
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि का कोषागार से एकमुश्त आहरण नहीं किया जाए। आवश्यकता के अनुसार धनराशि का आहरण चरणों में किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य स्वीकृत धनराशि का निर्धारित योजना के अनुसार उपयोग सुनिश्चित करना है।
जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि धनराशि के आहरण और व्यय के दौरान योजना संबंधी सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
आंकड़ों की शुद्धता की जिम्मेदारी तय:
जारी शासनादेश में स्वीकृत धनराशि से जुड़े आंकड़ों की शुद्धता और धनराशि की अनुमन्यता की पुष्टि की जिम्मेदारी आयुक्त, ग्राम्य विकास और मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की निर्धारित की गई है। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वीकृत धनराशि से जुड़े आंकड़े सही हों और धनराशि निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप हो।
लक्ष्यों के परीक्षण और सत्यापन के निर्देश:
स्वीकृत धनराशि के विरुद्ध निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के साथ ही उनके परीक्षण और सत्यापन की जिम्मेदारी भी आयुक्त, ग्राम्य विकास तथा मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की होगी। शासनादेश में इस संबंध में आवश्यक जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं।
इसके अलावा स्वीकृत धनराशि का नियमों के अनुसार व्यय सुनिश्चित करने और निर्धारित प्रारूप पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। योजना के तहत स्वीकृत राशि के उपयोग और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति से संबंधित प्रक्रिया को शासनादेश में दिए गए निर्देशों के अनुसार पूरा किया जाना है।
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