23 महीने की जेल की सजा पूरी करने के बाद सपा नेता आजम खान मंगलवार को रामपुर अपने घर लौटे। लगभग 22 घंटे के भीतर बुधवार शाम 4 बजे उन्होंने घर से बाहर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान आजम अपने पुराने अंदाज में नजर आए और अलग-अलग सवालों का जवाब दिया।
मीडिया से बातचीत में आजम का अंदाज
अखिलेश यादव से बातचीत के सवाल पर आजम ने कहा, “अब आग न लगाइए।” अखिलेश का फोन आने को लेकर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, “आप मेरा यकीन मानिए, मुझे पूरी दुनिया में केवल एक नंबर याद था और वह था मेरी पत्नी का। अब मैं वह नंबर भी भूल गया, मोबाइल चलाना भूल गया। जो शख्स 5 साल जेल में रहा हो, वह मोबाइल कैसे चला पाएगा?”
सपा के किसी बड़े नेता से मिलने के सवाल पर आजम ने कहा, “मैं बड़ा नहीं, मैं बड़ा खादिम (सेवक) हूं।” 2027 में सरकार बनने पर मुकदमों के वापस होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “शायद इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं भविष्यवाणी नहीं कर सकता।” उल्लेखनीय है कि लखनऊ में अखिलेश यादव ने पहले कहा था कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर आजम खान पर लगे सभी केस वापस लिए जाएंगे।
बसपा में जाने पर दिया साफ जवाब
बसपा में जाने को लेकर सवाल पर आजम ने कहा, “हमारे पास चरित्र है। मैं कोई बिकाऊ माल नहीं हूं। लोग प्यार करें, इज्जत करें और बिकाऊ माल ना हो, यह हमने साबित किया है।” एसटी हसन के टिकट कटवाने के सवाल पर उन्होंने कहा, “मेरी कहां हैसियत कि मैं किसी का टिकट कटवाऊं। मैं अपने यहां टिकट नहीं दिलवा सका, उनका कैसे कटवा सकता हूं। एसटी हसन हमारे लीडर हैं, हमारे बड़े हैं।”
घर लौटने पर समर्थकों का उत्साह
आजम खान 23 सितंबर को जेल से रिहा होकर अपने घर रामपुर पहुंचे। पत्नी तंजीन फातिमा और बच्चों के साथ उन्होंने गले मिलकर खुशी जताई और पत्नी व बेटी के साथ फोटो भी खिंचवाई। उनकी वापसी की खबर लगते ही उनके घर के बाहर 8-10 हजार लोग जमा हो गए।
भीड़ और संक्षिप्त मुलाकात
जैसे ही उनका काफिला सीतापुर से रामपुर पहुंचा, समर्थक उनसे मिलने के लिए टूट पड़े। इतनी भीड़ देखकर आजम केवल 3 मिनट ही बाहर रुके और फिर हाथ हिलाते हुए घर के अंदर चले गए। वहीं, शाम 6 बजे वे महज 30 सेकंड के लिए बाहर निकले, तब भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
समर्थक रातभर धरने पर
आजम से मिलने में नाकामी पर अमरोहा के समर्थक उनके घर के बाहर रातभर धरने पर बैठे रहे। उनका कहना था कि आजम खान से बिना मिले नहीं जाएंगे।


