कोरोना बम रिएक्टिवेट: तीसरी लहर और प्रतिदिन साढ़े आठ हजार मौतें?

ब्यूरो डेस्क। भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना महामारी की दूसरी लहर थमी हुई दिख रही है लेकिन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. दुनिया के आंकड़े देखें तो हर रोज अभी भी साढ़े पांच लाख नए मरीज सामने आ रहे हैं और साढ़े आठ हजार मौतें कोरोना से हो रही हैं. दुनिया में अभी कोरोना के एक करोड़ 27 लाख एक्टिव मरीज हैं जो कि जून के मध्य में घटकर 1 करोड़ 16 लाख के लेवल पर आ गए थे. लेकिन अब इंडोनेशिया, ब्रिटेन, फिलीपींस जैसे कई देश नई लहर का सामना कर रहे हैं जबकि इटली, ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसे देशों के नए इलाकों में कोरोना के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. एक्सपर्ट इस नए ट्रेंड को कोरोना की तीसरी लहर की आहट बताने लगे हैं.

वीडियो यहां देखें: https://youtu.be/VUh3rlWQeDY

उत्तर प्रदेश में हाई पॉजिटिविटी रेट वाले राज्यों से ट्रेन, हवाई जहाज एवं बस आदि से समूह में यूपी आ रहे लोग कोविड पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। जिन राज्यों में कोरोना संक्रमण की दर 3 फीसदी से ज्यादा है, वहां से यूपी आने पर कोरोना की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट देनी होगी। यह रिपोर्ट चार दिन के अंदर की होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये निर्देश दिए हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नीति आयोग के सदस्य(स्वास्थ्य) डॉ. वी. के. पॉल ने कहा है कि भारत को खास तौर से ऐसे हालात में सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि हम हर्ड इम्युनिटी तक नहीं पहुंच सके हैं. केंद्र सरकार ने कहा कि कोरोना की इस लहर को रोकने के लिए अगले 125 दिन काफी अहम हैं. सरकार इसके लिए वैक्सीनेशन पर जोर दे रही है. देश में अब तक 40 करोड़ लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी है लेकिन संक्रमण पर लगाम लगती नहीं दिख रही.

जानकारी के अनुसार भारत में जहां दूसरी लहर से अभी राहत दिख रही है वहीं रोजाना 40 हजार के करीब नए मरीज अभी भी सामने आ रहे हैं और 500 के करीब मौतें हो रही हैं. लेकिन तीसरी लहर का खतरा अभी से आहट देने लगा है. ICMR के डिवीजन ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिकेबल डिजीज के प्रमुख डॉक्टर समीरन पांडा ने आशंका जाहिर की है कि अगस्त के अंत तक कोरोना वायरस की तीसरी लहर देश में आ सकती है. शुक्रवार को 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में भी इस खतरे की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश तीसरी लहर के मुहाने पर खड़ा है. पीएम मोदी ने कहा कि दूसरी लहर से पहले जनवरी-फरवरी में हम जिस हालात में थे आज फिर वहीं खड़े हैं और थोड़ी सी भी लापरवाही फिर भारी पड़ सकती है.

लेकिन हम बात लापरवाही की करें तो हमने पिछले दिनों में चुनाव से लेकर बाजार तक घोर लापरवाही देखी है और लगातार यह लापरवाही बढ़ती जा रही है। चुनावी प्रचार, जुलूस इत्यादि में जमकर भीड़ जुटी। जिसमें ना सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया और ना मास्क पहना गया। उत्तर प्रदेश में शनिवार और रविवार को लॉकडाउन है। लेकिन शनिवार और रविवार को लॉकडाउन का पालन होते हुए कहीं भी नजर नहीं आ रहा। सोमवार से लेकर शुक्रवार तक लोगों की भीड़ जमकर बाजारों में देखने को मिल रही है। आम जनमानस अपने मासूम बच्चों को लेकर भी बाजार में घूमते हुए नजर आ रहे हैं। लोगों की घोर लापरवाही यह है ना वह सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे हैं और ना ही मास्क पहनने में सतर्कता दिखा रहे हैं। सोमवार से लेकर शुक्रवार तक रात 9:00 बजे तक ही बाजार खोलने की अनुमति है लेकिन इसके बावजूद भी 9:00 बजे के बाद भी बाजार खुले हुए नजर आ रहे हैं और तो और शराब की दुकानों में तो चोरी से शराब भी बेची जा रही है।

उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर के आरकेबीके पेट्रोल पमोनके समीप स्थित मॉडल शॉप में रात के 9:00 बजे के बाद सटर के नीचे से चोरी से अधिक दाम में शराब बेची जाती है। वही गाजीपुर के रास्ते पूरे इलाके में शनिवार और रविवार को लॉकडाउन होने के बावजूद भी धड़ल्ले से खुले में चिकन और मीट बेचा जा रहा है। जहां आपको गन्दगी और भीड़ देखने मिल जायेगी। यह लापरवाही ना सिर्फ कोरोना संक्रमण को बढ़ावा देगा बल्कि चारों तरफ फैली गंदगी में कट रहे चिकन और मीट एक नई बीमारी पैदा कर सकते हैं। इस बारे में वहां की स्थानीय चौकी से संपर्क भी किया गया लेकिन उनकी तरफ से किसी भी तरह की कार्यवाही देखने को नहीं मिली। यह समस्या केवल गाजीपुर की नहीं है गाजीपुर जैसे तमाम छोटे शहर और छोटे इलाके होंगे जहां पर कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका हो सकती है। बड़ी और पॉपुलर जगहों पर प्रशासन की नजर तो आसानी से चली जाती है लेकिन सबसे जरूरी है छोटी-छोटी जगहों पर ध्यान देने की। जहां लोक प्रशासन के डर से चोरी चुपके से सामान खरीदने जाते हैं लेकिन ज्यादा भीड़ इकट्ठा होने से कहीं ना कहीं संक्रमण को दावत भी दे देते हैं। यहां पर महत्वपूर्ण बात यह भी है किस सरकार के नियम कानून का पालन नहीं किया जा रहा है। क्या ऐसे दुकानदारों की एक विचारधारा सी बन गई है कि वो सरकार के नियम का उल्लंघन करेंगे और डंके की चोट पर संक्रमण को दावत देते हुए अपने लाभ को बढ़ाएंगे। देखते हैं किस रिपोर्ट के बाद प्रशासन इन जगहों पर या इन दुकानदारों पर किस तरह की कार्यवाही करती है।

एक मीडिया रिपोर्टिंग अनुसार भारत में अप्रैल की तबाही के पहले ब्रिटेन, फ्रांस, इटली जैसे यूरोपीय देशों में कोरोना के खतरे ने सर उठाया था और फिर भारत में जो तबाही हुई उसे पूरी दुनिया ने देखा. आज फिर इन देशों में लापरवाही और कोरोना के केस दोनों बढ़ रहे हैं. खासकर डेल्टा, डेल्टा प्लस, कप्पा और लैम्ब्डा जैसे कोरोना वैरिएंट्स ने खतरे को और बढ़ा दिया है. इंडोनेशिया-फिलीपींस, साउथ कोरिया जैसे कई देशों में हालात बहुत तेजी से बिगड़ रहे हैं. हाल के हफ्तों में कोरोना के केस बढ़ने के बीच वियतनाम, थाईलैंड और साउथ कोरिया जैसे देशों में लॉकडाउन और नए प्रतिबंध लगाने पड़े हैं.

आईसीएमआर का कहना है कि भारत में 3 हफ्ते दूर है तीसरी लहर और इस बार इसकी जिम्मेदारी भीड़ की होगी। सुप्रीम कोर्ट की वजह से उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पहले ही कावड़ यात्रा पर रोक लग चुकी है। आने वाले बकरीद के त्यौहार पर भी पाबंदी है। लेकिन चुनाव के दौरान जो भीड़ दिखी, वह चिंता का विषय है और अब दुकानों पर बढ़ती लापरवाही और सरकारी नियमों का उल्लंघन संक्रमण फैलने का नया कारण बन सकता है।

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