Lucknow/Ghazipur । उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की टीम ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके से ठेकेदार आजाद सिंह को गिरफ्तार किया। आजाद सिंह पर लगभग 7 करोड़ रुपये के गबन का गंभीर आरोप है।
मामला वर्ष 2012-13 का है, जब जनपद गाजीपुर के भदौरा ब्लॉक के पांच अलग-अलग स्थलों पर विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई थी। सरकार द्वारा इन परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया गया था, लेकिन जांच में पाया गया कि कार्यदायी संस्था के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों ने इन योजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा नहीं किया। कई स्थानों पर काम अधूरा छोड़ दिया गया, तो कहीं गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई।
ईओडब्लू की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लापरवाही और हेराफेरी के चलते राज्य सरकार को करीब 7 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति उठानी पड़ी। इस गड़बड़ी के उजागर होने पर गाजीपुर जिले के गहमर थाने में संबंधित संस्था और ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी ठेकेदार आजाद सिंह की तलाश में ईओडब्लू की टीम लगी हुई थी। मुखबिर की सूचना पर मंगलवार को उसे आशियाना से दबोच लिया गया। आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और इस गबन प्रकरण में अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच होगी।
ईओडब्लू अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कई और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। फिलहाल गिरफ्तार ठेकेदार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
यह गिरफ्तारी प्रदेश में सरकारी धन की हेराफेरी करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है और सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनहित के धन के दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

