चंदौली का ‘साइको किलर’ एनकाउंटर में ढेर: 24 घंटे में की थीं 3 हत्याएं, आर्मी से रिटायर फौजी ने फैलाया था खौफ

उत्तर प्रदेश में चलती ट्रेन और अस्पताल में लगातार तीन हत्याओं के मामले ने लोगों को दहला दिया। चंदौली (Chandauli) में 26 घंटे के भीतर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी गुरप्रीत सिंह (Gurpreet Singh) की सोमवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार आरोपी को घटनास्थलों का सीन रीक्रिएट कराने के लिए ले जाया गया था, जहां उसने पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

एनकाउंटर के दौरान क्या हुआ:
चंदौली पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल (Akash Patel) के मुताबिक पुलिस, जीआरपी और स्वाट टीम आरोपी को दरियापुर गांव के पास रेलवे ट्रैक किनारे लेकर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीन ली और फायरिंग शुरू कर दी। घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी को सिर और सीने में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

तीनों हत्याओं का तरीका एक जैसा:
पुलिस जांच में सामने आया कि 45 वर्षीय गुरप्रीत सिंह ने तीनों हत्याओं में एक ही तरीका अपनाया था। हर वारदात में पीड़ित की कनपटी पर गोली मारी गई। पहली हत्या रविवार सुबह पैसेंजर ट्रेन में हुई, दूसरी हत्या जम्मूतवी एक्सप्रेस में और तीसरी हत्या सोमवार सुबह एक निजी अस्पताल में की गई।

चलती ट्रेन में पहली हत्या:
गाजीपुर (Ghazipur) के रहने वाले मंगरू (Mangru) काम की तलाश में कर्नाटक गए थे और वापस लौट रहे थे। वह डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रहे थे। ट्रेन जब चंदौली के कचमन स्टेशन के पास पहुंची, तब आरोपी ने कथित रूप से मंगरू की कनपटी पर गोली मार दी। घटना के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर फरार हो गया।

दूसरी वारदात से बढ़ा पुलिस का शक:
पहली घटना के कुछ घंटे बाद आरोपी जम्मूतवी एक्सप्रेस में सवार हुआ। देर रात करीब दो बजे बिहार (Bihar) के रहने वाले दिनेश साहू (Dinesh Sahu) को गोली मार दी गई। बताया गया कि दिनेश बाथरूम से लौट रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। एक जैसे तरीके से हुई दूसरी हत्या के बाद पुलिस को शक हुआ कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही व्यक्ति हो सकता है।

अस्पताल में तीसरी हत्या:
तीसरी घटना चंदौली के जीवक अस्पताल में हुई। यहां भर्ती महिला लक्ष्मीना देवी (Lakshmina Devi) को आरोपी ने कथित रूप से बेड पर ही गोली मार दी। वारदात के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, तभी मौजूद लोगों और एक ऑटो चालक ने उसे पकड़ लिया। भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया।

भीड़ ने पकड़कर पुलिस को सौंपा:
ऑटो चालक विनोद दुबे (Vinod Dubey) ने बताया कि आरोपी अस्पताल से भागते समय फायरिंग कर रहा था। लोगों के शोर मचाने पर उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। इस दौरान आरोपी ने हथियार तानने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उसे काबू कर लिया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उसे भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई।

पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे:
पीडीडीयू नगर (Pandit Deendayal Upadhyay Nagar) के सीओ अरुण कुमार सिंह (Arun Kumar Singh) ने बताया कि आरोपी शराब पीने के बाद मानसिक संतुलन खो देता था और लोगों से झगड़ा करता था। शुरुआती जांच में उसका व्यवहार असामान्य पाया गया। पूछताछ में उसने तीनों हत्याओं की बात कबूल कर ली।

नौकरी छूटने के बाद बदल गया व्यवहार:
पुलिस के अनुसार गुरप्रीत सिंह मूल रूप से अमृतसर (Amritsar) का रहने वाला था और छह साल पहले आर्मी से रिटायर हुआ था। हाल ही में वह बिहार के आरा (Ara) में गार्ड की नौकरी करने गया था, लेकिन शराब पीकर हंगामा करने के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह अलग-अलग ट्रेनों में घूमता रहा और लगातार हिंसक घटनाओं को अंजाम देता गया।


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